"बच्चे की जिद पूरा करने के लिए बीएमसी ने खर्च किए 24 करोड़"

विनोद जगदाले, मुंबई (28 जुलाई): मुंबई के भायखला ज़ू में लाए गए 8 हम्बोल्ट पेंग्विन पर अब विवाद शुरू हो गया है। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री नारायण राणे के बेटे नितेश राणे ने आरोप लगाया है कि बीएमसी बालहठ (बच्चे की ज़िद) पूरा करने के लिए यह पेंग्विन लेकर आई है। दरअसल, यह भी कहा जा रहा है कि उद्धव ठाकरे के छोटे बेटे तेजस के कहने पर पेंग्विन लाए गए है।

मुंबई के भायखला जू़ में हम्बोल्ट पेंग्विन को दक्षिण कोरिया के सेऊल स्थित कोएक्स मत्सालय से लाया गया। इसके लिए बीएमसी ने 4 करोड़ रुपये खर्च किए हैं और पेंग्विन के रख-रखाव के लिए करीब 18 करोड़ का बजट का प्रावधान भी किया गया है। पेरू और चिली में मूलतः पाए जाने वाले हम्बोल्ट पेंग्विन 4 से 25 डिग्री सेलियस में रह सकते है। अब सवाल उठाए जा रहे है कि शीत प्रदेश में रहने-वाले यह पेनग्वीन मुंबई के माहौल में कैसे रह सकते है, जबकि बीएमसी इस जू़ में पहले से रखे प्राणियों का ख़याल नहीं रख सकती।

बीएमसी का दावा है कि विश्व के 100 जू़ में इन पेंग्विन को रखा गया है, जबकि देश में मुंबई पहला ऐसा शहर होगा जहां पेंग्विन रखे गए है। बीएमसी ने इनके लिए 1700 स्क्वेयर फिट के 16 से 24 डिग्री तापमान का एक अलग कक्ष बनाया है। नितेश का कहना है कि आम जनता के पैसों की यह बर्बादी है। वहीं बीजेपी भी शिवसेना के सुर में सुर मिलाते हुए कहा कि जो विदेश में नहीं जा सकते वे पेंग्वीन को यही देख सकते है।

बताया यह भी जा रहा है की उद्धव ठाकरे के छोटे बेटे तेजस के कहने पर यह पेंग्विन बीएमसी द्वारा लाए गए है। नितेश राणे का कहना है कि इससे पहले भी "ओपन जिम" और "नाईट लाइफ" जैसी संकल्पनाएं भी बाल हट (आदित्य ठाकरे की योजनाएं) के कारण चलाई गई थी।