झुग्गी में रहने वाला शख्स निकला 4 कंपनियों का मालिक!

नई दिल्ली (19 दिसंबर): शायद आप यह जानकर हैरान होंगे कि मुंबई में भायंदर के गणेश देवल नगर की झुग्ग‍ियों में रहने वाला एक युवक जैसवाल 4 कंपनियों का मालिक निकला। इसी के साथ उसने 5.4 करोड़ रुपये का टैक्स नहीं भरा तो उसपर नोटिस आ गया।

जैसवाल को जब नोटिस मिला तो उसे भी इस बात पर यकीन नहीं हुआ कि वह 4 कंपनियों का मालिक है। जांच में अब पता चला है कि जैसवाल के पैन और आधार कार्ड नंबर का इस्तेमाल चार कंपनियों को शुरू करने में किया गया। ये कंपनियां फर्जी बताई जा रही हैं। चारों कंपनियां नोटबंदी के बाद शुरू की गईं। फर्जी कंपनियों के नाम शायांश कॉर्पोरेशन, जेम रेडटेक, स्टेट फोर्ड टैक्सटाइल्स और पुर्वी रिएलिटी हैं।

जैसवाल ने पुलिस को बताया कि उसने 2008 में कांदिवली में राजेश अग्रवाल नाम के चार्टर्ड अकाउंटेंट की निजी फर्म में नौकरी की थी, तब उससे बैंक खाता खुलवाने के लिए पैन और आधार नंबर मांगा गया था। लेकिन उसे सैलरी कैश ही दी जाती थी। 2012 में उसने अग्रवाल को छोड़कर दूसरी जगह नौकरी कर ली।

पुलिस ने इस केस में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें जैसवाल को नौकरी देने वाले 42 वर्षीय राजेश अग्रवाल और उसके पूर्व बिजनेस पार्टनर 30 वर्षीय राजीव गुप्ता भी शामिल हैं। इसके अलावा दो और कर्मचारियों जगलेश गुप्ता और संतोष सिंह को गिरफ्तार किया गया है। इन चारों पर जैसवाल के नाम पर चारों फर्जी कंपनियों को शुरू करने का आरोप है।