यह खबर पढ़कर चौंक जाएंगे आप! मुंबई में सुरक्षित नहीं लड़कियां

इंद्रजीत सिंह, मुंबई (16 अगस्त): सात महीने में मुंबई में 243 नाबालिग बच्चियों के यौन उत्पीड़न के मामले सामने आया हैं। इससे भी चौंकाने वाली बात ये है कि सात महीने में ही 656 नाबालिग लड़कियां गुम हुई हैं।

घाटकोपर के अमृतनगर इलाके में 13 अगस्त को एक ऐसी शर्मनाक करने वाली घटना घटी कि लोगों का गुस्सा फुट पड़ा। एक 22 साल का युवक दो साल की बच्ची को पहाड़ी पर ले गया और उसके साथ रेप किया। बच्ची को ढूढ़ रहे परिवार वाले लड़की तक पहुंच गए और किसी तरह उसकी जान बच पाई। अभी लड़की का इलाज राजावाड़ी अस्पताल में चल रहा है। इसी दौरान लोगों ने आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।

ये अकेला केस नहीं है जिसमें मुंबई में बच्चियों की सुरक्षा को लेकर सरकार की पोल खुली हो। आपको बता दें कि पिछले 7 महीने में 243 नाबालिग बच्चियों से यौन उत्पीड़न के मामले सामने आये हैं, जिसमे पुलिस ने 221 मामले में कार्रवाई की है। मुंबई में नाबालिग लड़कियों के यौन उत्पीड़न के मामले तो बढे ही हैं, साथ ही नाबालिग लड़कियों के गुम होने का आंकड़ा भी बढ़ा है। पिछले 7 महीने में 656 लड़कियां गुम हुई हैं, जिसमें से 429 को पुलिस ने ढूढ़ निकाला है।

जानकर मानते हैं कि आंकड़ा इसलिए भी बढ़ा है, क्योंकि कुछ नाबालिग खुद बॉयफ्रेंड के साथ भाग जाती हैं। चूंकि नाबालिग हैं तो ऐसे में रेप और अपहरण केस दर्ज किया जाता है। कुल मिलाकर मुंबई में हालात चिंताजनक है और नाबालिग लड़कियों पर बढ़ते यौन उत्पीड़न ने लोगों के साथ पुलिस की चिंता बढ़ा दी है।

ड्रग्स से बढ़ रहा है अपराध... मुंबई में नाबालिग बच्चियों के साथ जो यौन उत्पीड़न के मामले बढे हैं उसका सबसे बड़ा कारण ड्रग्स एडिक्ट की संख्या बढ़ना है। अभी तक की जांच के मुताबिक नाबालिग बच्चियों के साथ कुकर्म के मामले में जितने आरोपी गिरफ्तार हुए उसमें ज्यादातर उस समय ड्रग्स के नशे में थे।  इसलिए जन प्रतिनिधि कहते हैं कि रेप और छोटी-मोटी चोरी को रोकना है तो सबसे पहले पुलिस को ये सुनिश्चित करना पड़ेगा की ड्रग्स ना बिके।