मुंबई सीरियल ब्लास्ट में दोषी ताहिर मर्चेंट की फांसी पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाई

Related image

नई दिल्ली (5 दिसंबर): साल 1993 के  मुंबई सीरियल ब्लास्ट केस में दोषी ताहिर मर्चेंट की फांसी पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है। प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति एमएम शांतानागौदर की तीन सदस्यीय खंडपीठ ने महाराष्ट्र सरकार को टाडा कोर्ट का रिकार्ड पेश करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही सीबीआई को भी नोटिस जारी किया है। मामले की अगली सुनवाई 14 मार्च को होगी। मर्चेंट ने टाडा अदालत के सात सितंबर के फैसले को चुनौती दी है, जिसने अन्य षड्यंत्रकारियों के साथ ही उसे भी षड्यंत्रकारी पाया है।

मुंबई में 12 मार्च, 1993 को 12 स्थानों पर बम विस्फोट हुए थे, जिनमें 257 व्यक्ति मारे गए थे और 718 अन्य जख्मी हो गए थे। इनमें से कुछ अपंगता से ग्रस्त हो गए हैं। इस मामले  में 7 सितंबर को मुंबई की स्पेशल टाडा कोर्ट ने 24 साल बाद बड़ा फैसला सुनाते हुए ताहिर मर्चेंट और फिरोज खान को मौत की सजा सुनाई थी। इसी केस में अबू सलेम के अलावा करीमुल्लाह खान को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। पांचवे दोषी रियाज सिद्दीकी को 10 साल की सजा सुनाई गई थी। इस मामले में अबू सलेम प्रत्यर्पण कानून के प्रावधान की वजह से मौत की सजा से बच गया।