जानिए दो दिनों में क्यों 1000 अंक गिरा सेंसेक्स और कैसे डूब गए निवेशकों के 4 लाख करोड़?



न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली ( 11 सितंबर ):  
शेयर बाजारों में मंगलवार को भी लगातार दूसरे दिन भी गिरावट का दौर जारी रहा। इन दो दिनों की गिरावट से निवेशकों को 4.14 लाख करोड़ रुपए का चूना लग चुका है।  बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स मंगलवार को 509.04 अंक या 1.34 प्रतिशत लुढ़ककर 37,413.13 अंक पर बंद हुआ।

इसमें सोमवार को 467.65 अंक की गिरावट दर्ज की गई थी। लगातार दो दिन की गिरावट के कारण बंबई शेयर बाजार में सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 4,14,121.84 करोड़ रुपए घटकर 1,53,25,666 करोड़ रुपए पर आ गया। दो दिनों में सेंसेक्स लगभग 1000 अंक टूट गया है।

आइए जानते हैं आखिर क्यों बाजार हुई गिरावट?

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन को 267 अरब डॉलर का अतिरिक्त शुल्क लगाने की धमकी दी है। पहले से भी अमेरिकी ने चीन से 200 अरब डॉलर के आयात पर शुल्क लगा रखा है। विश्व की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच बढ़ते तनाव का असर भारत पर भी पड़ रहा है। शुक्रवार को जब ट्रंप ने चीन को धमकी दी, अमेरिका के बाजार में भी गिरावट दर्ज की गई।

जून तिमाही में मौजूदा चालू खाता घाटा जीडीपी के 2.4% हो गया। तेल की कीमतों में तेजी की वजह से भी चालू घाटा बढ़ा है। दरअसल निर्यात और आयात के बीच अंतर चालू घाटा कहा जाता है। रुपये में गिरावट और तेल की कीमतों में बढ़ोतरी की वजह से आयात पर ज्यादा खर्च करना पड़ रहा है। इसका असर घरेलू बाजार पर भी पड़ रहा है।

मंगलवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 72.73 पर पहुंच गया है। इस साल रुपये में 13 फीसदी की गिरावट आई है। रुपये की इस गिरावट से भी शेयर बाजार दबाव में है।

अमेरिक रिपोर्ट में बताया गया है कि पिछले 9 साल में इस बार सबसे ज्यादा नौकरियां पैदा हुई हैं। दावा किया गया है कि अमेरिका में 201,000 नौकरियां हैं और बेरोजगारी की दर 18 साल में सबसे कम 3.9 फीसदी है। इससे संकेत मिलता है कि फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है।

अमेरिका और चीन के बीच तनाव की वजह से एशिया के बाजारों में गिरावट आ रही है। साथ ही एशिया के देशों पर ईरान से तेल खरीदने पर लगे प्रतिबंधों से भी मुश्किल स्थिति बनी हुई है। ऐसे में अनिश्चितता के माहौल को देखते हुए बाजार में गिरावट जारी है।