पद्मभूषण से सम्मानित डॉ सुरेश आडवाणी पर 25 करोड़ के पुराने नोटों की हेराफेरी का आरोप

इंद्रजीत, मुंबई (24 दिसंबर): मुंबई के घाटकोपर में एक गाड़ी से पकडे़ गए 10 करोड़ रुपये के मामले में सीबीआई ने मामला दर्ज कर लिया है। इसमें वैद्यनाथ को-ऑपरेटिव बैंक के दो मैनेजर, दो कर्मचारी और दो डॉक्टर शामिल है। जिन 6 लोगों के खिलाफ कैस दर्ज हुआ है, उनमे सबसे बड़ा नाम डॉ सुरेश आडवाणी का है जो पद्मभूषण अवार्ड से सम्मानित हैं।

हालांकि सीबीआई अभी उनके रोल की जांच कर रही है, लेकिन बताया जाता है कि डॉ आडवाणी और दूसरे डॉक्टर के ज्यादातर पैसे थे। इन लोगों पर 25 करोड़ के पुराने नोटों की हेराफेरी का आरोप है। इस मामले में सीबीआई  की मुंबई, पुणे, औरंगाबाद और बीड में कुल 11 जगहों पर रेड हुई। ये लोग बीड से 25 करोड़ का पुराने नोट 19 नवंबर को मुंबई स्थित अपने हेड ऑफिस में बदलने के नाम पर लाए थे जिसमे 15 करोड़ महाराष्ट्र स्टेट अर्बन को-आपरेटिव बैंक में जमा कराए और 15 दिसंबर को 10 करोड़ बीड लेकर जाते समय पकडे़ गए।

पकड़े गए नोटों में 10 लाख रुपये के नए नोट थे। मुंबई की घाटकोपर शाखा में भी कल रेड हुई, इसकी पुष्टि बिल्डिंग के लोगों ने की लेकिन इस मामले में अभी तक कोई गिरफ़्तारी नहीं हुई है। फिलहाल बैंक की घाटकोपर शाखा पर आज ताला है। गौरतलब है की वैधनाथ को-ऑपरेटिव बैंक के डायरेक्टरों में दिवंगत बीजेपी नेता गोपीनाथ मुंडे की बेटी प्रीतम मुंडे भी हैं। जिन लोगों पर कैस दर्ज किया गया है उनके नाम योगेश बी शौरी, धर्म राज थिगले, क्रिस, गजानंद सोमनाथ, बीएम शाह और डॉ सुरेश आडवाणी है।