ब्रिेटिश अख़बार मानता है- 'बॉम्बे' को मुंबई बुलाना कट्टर हिंदू सोच!

लंदन (11 फरवरी) : ब्रिटेन के अग्रणी अख़बार 'द इंडिपेंडेंट' ने अपने अख़बार और ऑनलाइन एडिशन्स में मुंबई को उसके पुराने नाम 'बॉम्बे' लिखना शुरू कर दिया है।   इस मीडिया हाउस का मानना है कि उसका यह कदम हिंदू राष्ट्रवाद के खिलाफ एक रुख अपनाने को लेकर उठाया गया है। दिलचस्प बात ये है कि 'द इंडिपेंडेंट' के मौजूदा एडीटर अमोल राजन का जन्‍म कोलकाता में हुआ है और उनकी उम्र इस समय 32 वर्ष है।

अमोल ने इस फैसले के पीछे तर्क दिया है कि 'बॉम्बे' एक खुला मेट्रो पोर्ट है, द गेटवे ऑफ इंडिया है जो दुनिया के लिए खुला है। अमोल के मुताबिक अगर आप उसे उसी नाम से बुलाते हैं जो हिंदू राष्ट्रवादी आपसे बुलाने की मांग करते हैं तो आप ज़रूर उनके लिए ही काम कर रहे हैं।

बता दें कि इस महानगर का नाम 1995 में आधिकारिक रूप से बॉम्‍बे से बदल कर मुंबई कर दिया गया था ताकि औपनिवेशिक नाम 'बॉम्बे' से इसकी दूरी बनाई जा सके। शिवसेना के दबाव के चलते ऐसा किया गया था जिसने 1995 से 1999 तक बीजेपी के साथ गठजोड़ कर राज्य में शासन किया था। 'बॉम्बे' नाम का इस्तेमाल ब्रिटिश राज के दौरान किया गया था और इसकी जड़ें पुर्तगाली औपनिवेशिक नाम 'बॉम बाहिया' (अच्छी खाड़ी) में है।  वहीं मुंबई नाम 'मुंबा देवी'  के नाम से पड़ा है।

वर्ल्ड व्यूज़ से बात करते हुए राजन ने कहा, "ये फैसला किसी खास घटना को लेकर नहीं किया गया बल्कि आम धारणा   ये है कि भारत में असहिष्णुता बढ़ रही है। मैंने इस हफ्ते के शुरू में एक हेडलाइन में मुंबई शब्द देखा था तो उस पर सख्त प्रतिक्रिया दी। फिर बॉम्बे शब्द के इस्तेमाल का फैसला वरिष्ठ स्टाफ सदस्यों के साथ सलाह करने के बाद लिया गया।"