मां-बेटी ने एक साथ दी 10वीं की परीक्षा, जब रिजल्ट आया तो...

नई दिल्ली (7 जून): आम तौर पर कहा जाता है कि पढ़ाई लिखाई की कोई उम्र नहीं होती। मुंबई में रहने वाली एक 43 वर्षीय महिला ने इस कहावत को सही साबित कर दिया है। यह महिला एक गृहणी है, जिसने अपनी 16 वर्षीय बेटी के साथ इस साल कक्षा 10 की परीक्षा दी। जिसमें उसने सफलता हासिल की है। इस तरह इस महिला ने शिक्षा के लिए जो इच्छाशक्ति दिखाई है, वह दुनिया के सामने एक मिसाल है।

'हिंदुस्तान टाइम्स' की रिपोर्ट के मुताबिक, दो बेटियों की मां सरिता ज़गाडे ने सेकेंड्री स्कूल सर्टिफिकेट (कक्षा 10) की की मार्च में परीक्षा दी थी। जिसमें 44 फीसदी अंक हासिल किए हैं। जबकि, उनकी बेटी श्रुतिका ने 69 फीसदी अंक हासिल किए हैं। ये नतीजे सोमवार को घोषित हुए।

सरिता सेवड़ी के वागेश्वरी नगर की रहने वाली हैं। उन्हें वित्तीय परेशानियों के चलते कक्षा 4 में ही स्कूल से ड्रॉपआउट करना पड़ा था। 

सरिता कहती हैं, "मैं अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर पाई। मैं कक्षा 4 में थी, जब मेरे पिता की मौत हो गई। हम चार बहने और एक भाई थे। बहनों ने मिलकर घर चलाने के लिए पैसे कमाने का फैसला किया।"

सरिता के पति विश्वनाथ टैक्स एपीलेट ट्राइब्यूनल में काम करते हैं। विश्वनाथ ने ही सरिता को आगे की पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद उन्होंने नाइट स्कूल ज्वाइन किया। सरिता कहती हैं, "शुरुआत में मैं डर रही थी, क्योंकि करीब 35 साल बाद मैं वापस स्कूल जा रही थी। लेकिन मेरे पति ने मुझे प्रेरित किया।"

सरिता की बड़ी बेटी क्षितिजा ने इस साल हायर सेकेंड्री एजुकेशन की परीक्षा दी, जिसमें 48 फीसदी अंक हासिल किए हैं। 

मां और दोनों बेटियां एक साथ मिलकर पढ़ाई करती हैं। पढ़ाई के बीच घरेलू कामों पर भी ध्यान रहता है। इन तीनों को ही अलग से एक्जाम सेंटर्स मिले थे। 

*प्रतीकात्मक तस्वीर