6 साल बाद इस पायलट का सपना हुआ सच, उड़ान भरने को तैयार छोटे विमान

नई दिल्ली ( 21 नवंबर ): वर्षों की मेहनत के बाद आखिरकार 6 साल बाद डीजीसीए ने देश में बने पहले 6 सीटर विमान को रजिस्टर कर दिया। रजिट्रेशन के बाद विमान के परीक्षण उड़ान का रास्ता साफ हो गया है और इसके साथ ही देश मे अब स्वदेशी विमान बनाने के सपने का मार्ग भी खुल गया है। खासबात है कि इस कोशिश में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से मिली मदद के लिए इस विमान का नाम VT NMD यानी विक्टर टैंगो नरेंद्र मोदी देवेंन्द्र रखा गया है।

डीसीजीए अब इस छह सीटर विमान का निरीक्षण करेगा और इसके बाद इसे उड़ान भरने की इजाजत दी जाएगी। मुंबई के कांदिवली में रहने वाले कैप्टन अमोल यादव का ने कहा, जो काम तीन दिन में होना चाहिए था उसके लिए 6 साल लग गए क्योंकि देश मे बने विमान के रजिस्ट्रेशन का कोई नियम ही नहीं था। अब जल्द ही बाकी की प्रक्रिया पूरी करने के बाद परीक्षण उड़ान की इजाजत मिलते ही उनका विमान हवा में उड़ान भरेगा।

देश में जो बड़ी बड़ी निजी और सरकारी कंपनियां नहीं कर पाईं उसे एक शख्स ने कर दिखाया। कैप्टन अमोल यादव ने साल 2009 में ही कांदिवली में बिल्डिंग के छत पर ही तकरीबन 4 करोड़ खर्च कर 6 सीटों वाला हवाई जहाज बनाया था। साल 2016 में मुंबई में मेक इन इंडिया के तहत उसे प्रदर्शित भी किया गया, लेकिन परीक्षण उड़ान की ईजाजत साल 2011 से लटकी पड़ी थी।

आखिरकार मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निवेदन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हस्तक्षेप किया तब जाकर रजिस्ट्रेशन हो पाया। लिहाजा पायलट ने अपनी पूरी मेहनत दोनों के नाम समर्पित कर दी है। कैप्टन बताते है ये कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की कोशिश का ही नतीजा है कि उनका सपना सच होने को है। इसलिए अपने विमान को दोनों का नाम देकर उन्होंने अपनी कृतज्ञता प्रकट की है।