नौकरी ना चली जाए...इसलिए कर दिया क़त्ल

मुंबई (5 मार्च) :  मुंबई में 74 वर्षीय एक महिला की हत्या के 25 दिन के बाद इसके आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। जोगेशेवरी इलाके के रिज़वान हाउसिंग सोसाइटी अपार्टमेंट में ये वारदात हुई थी। 11 फरवरी को मुमताज के शव को उनके पोते ने देखा था। मुमताज की गला रेत कर हत्या की गई थी।  

मुमताज की हत्या के आरोप में सोसाइटी के ही गार्ड मोहम्मद रफ़ीक चौधरी को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक रफ़ीक का कहना है कि मुमताज़ की हत्या सिर्फ़ इसलिए की क्योंकि उसे अपनी नौकरी खोने का डर था। हालांकि पुलिस को रफ़ीक के इस बयान पर यकीन नहीं हो रहा। हत्या के असली मकसद को जानने के लिए पुलिस की पड़ताल जारी है।

पुलिस का कहना है कि उसने मुमताज़ को इसलिए निशाना बनाया क्योंकि वो जानता था कि ये बुज़ुर्ग महिला घर में सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक अकेली रहती है। उनके पति 75 वर्षीय रशीद का लोखंडवाला में दफ्तर है जहां से वे रियल इस्टेट का कारोबार करते हैं।

हत्या से एक हफ्ता पहले सोसाइटी ने प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसी की सेवाएं लेना बंद करने का फैसला किया था। इसके बाद रफ़ीक को लगा कि सिक्योरिटी एजेंसी की सेवा समाप्त होने के बाद उसकी भी नौकरी चली जाएगी। इस पर रफ़ीक ने खतरनाक मंसूबा बनाया। रफ़ीक के अनुसार वो मुमताज़ की हत्या से येजताना चाहता था कि उसके बिना सोसाइटी सुरक्षित नहीं है। इससे सोसाइटी सिक्योरिटी एजेंसी की सेवा दोबारा बहाल कर लेगी और उसका जॉब बना रहेगा।  

ओशिवाड़ा पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने बताया कि इस हत्या के सिलसिले में कई लोगों से पूछताछ की गई। लेकिन रफ़ीक जिस तरह जवाब दे रहा था, उसी पर शक हो रहा था। फिर उसके एक दिन बिना किसी को कुछ बताए शहर से भाग जाने से शक और पुख्ता हो गया।

पुलिस की एक टीम को तत्काल रफ़ीक के गृह ज़िले राजौरी (जम्मू-कश्मीर) के दरहाल भेजा गया। वहां से रफ़ीक को गिरफ्तार कर मुंबई लाया गया। जांच के दौरान ही हत्या के दौरान पहने गए खून से सने कपड़े भी बरामद कर लिए गए। रफ़ीक को शनिवार को कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने उसे 8 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया।