नोटबंदी के बाद मुंबई से 75 हजार सोने के कारीगरों का पलायन !

मुंबई (19 दिसंबर): नोटबंदी के 41वें दिन भी देशभर में कैश की भारी किल्लत है। नगदी की कमी की वजह से आम लोगों के साथ-साथ छोटे-छोटे उद्योग धंधों पर भी खासा असर पड़ा है। जिससे वहां काम कर रहे लोगों पर खासा असर पड़ा है। ये उद्योग बंद हो रहे हैं। आलम ये है कि यहां काम करने वाले लोगों के सामने रहने और खाने का संकट पैदा हो गया है। लिहाजा भारी तादाद में लोग पलायन कर रहे हैं।

नोटबंदी के बाद मुंबई के आभूषण कारीगरों का बुरा हाल है,हालात ये है की सवा लाख लोगों को सिर्फ मुंबई में रोजगार देने वाली इस इंडस्ट्री से तक़रीबन 75 हज़ार मजदूर गांव की तरफ पलायन कर चुके हैं। सोने के आभूषण के कारीगरों की बात करें तो ज्यादातार कारीगर पश्चिम बंगाल के हैं। 

पिछले कुछ समय से गोल्ड इंडस्ट्री को नजर लग गई है। पहले एक्साइज के विवाद में सोना उद्योग महीनों तक प्रभावित रहा और रही सही कसर नोट बंदी ने पूरा कर दी, हालत ये है की काम नहीं होने के कारण मजदूर गांव की तरफ पलायन तो कर रहे हैं लेकिन वहां भी इनके लिए रोजगार के कोई साधन नहीं है। लिहाजा ऐसे लोगों पर अपने और अपने परिवार का पेट पालने का संकट उत्पन हो गया है।