दो वक्त की रोटी के लिए मजबूर है फुटबॉलर मैरी, PM मोदी भी कर चुके हैं सम्मानित

मुंबई (22 नवंबर): देश में प्रतिभावान फुटबाल खिलाड़ियों की कमी नहीं है पर सुविधाओं के अभाव में कइयों के सपने उड़ान नहीं ले पाते। मुंबई की 16 साल की मैरी प्रकाश नायडु ऐसी ही युवा फुटबाल खिलाड़ी है जिसकी सराहना पीएम मोदी ने भी की पर इस सम्मान के बावजूद नायडू बिना छत के घर और 2 वक़्त की रोटी के लिए मोहताज़ है। मुंबई की सायन किंग सर्किल इलाके में सड़क किनारे, रेलवे ट्रैक के नजदीक झुग्गियों में फुटबॉल खेलकर पसीना बहा रही।

ना सिर पर छत, ना दो वक्त की रोटी, ना साफ पानी और ना अच्छे जूते बावजूद इसके फीफा विश्व कप में भारत के लिए फुटबॉल खेलना मैरी प्रकाश नायडु का सपना है। मेरी की सपनों के लिए अगर है तो सिर्फ ही हौसला और हौसलों को उड़ान देने के लिए गरीब माता पिता और कोच का सहारा। मेरी सरकारी स्कूल में 10 वीं की छात्रा है। पढ़ाई में अव्वल के साथ-साथ फुटबॉल की अच्छी खिलाड़ी है। मैरी मुंबई डिस्ट्रिक्ट फुटबॉल एसोसिएशन टीम के लिए खेलती है। केंद्र सरकार के फुटबाल को बढ़ावा देने के लिए बनाए गए मिशन 11 मिलियन के तहत मेरी का चयन हुआ था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मैरी को तोहफे में फुटबॉल भी दिया था। मैरी को लगा कि अब उसका सपना पूरा होगा पर पीएम मोदी से सम्मान लेकर लौटने के दूसरे दिन ही उसका अवैध घर बीऍमसी ने तोड़ दिया। सुविधाए तो दूर, मैरी का सर्टिफिकेट और मेडल भी बीएमसी उठाकर ले गई। 

किंग सर्किल इलाके में सड़क किनारे प्लास्टिक से बनी झुग्गियों में मैरी नायडू और उसका परिवार रहता है। कुछ साल पहले तक पक्का मकान हुआ करता था पर महानगरपालिका ने अवैध घर बताते हुए सिर से छत छीन लिया। अब नेताओं के बैनर और पोस्टर मैरी के घर की चार दिवारी है। देवेंद्र फडणवीस का पोस्टर छत है तो उद्धव ठाकरे के बैनर दरवाजा। बीएमसी आए दिन यह प्लास्टिक की छत भी छीन लेती है, मेरी को छत खोने से ज्यादा डर अपना फुटबॉल छीन जाने का रहता है। 

देश मे फुटबॉल की कोई विशेष पहचान नही है पर हाल ही में सम्पन्न हुए फीफा अंडर 17 वर्ल्ड कप से युवाओं में फुटबॉल को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला है। एक NGO से मदद मिलने के बाद मैरी को फुटबाल ट्रेनिंग में मदद मिलने लगी। सरकार से जो मदद मिलनी चाहिए वो मदद NGO और सामाजिक संगठन कर रहे है जो नाकाफ़ी है । पिता और कोच को उम्मीद है कि मैरी के सपनो को मोदी सरकार की मदद से उड़ान मिलेगी । 

मैरी नायडू की तकलीफों और चुनोतियो को सुनने के बाद अब कुछ लोग मदद के लिए आगे आ रहे हैं कांग्रेस के स्थानीय नेता कचरू यादव ने 25000 रुपए की मदद की और आरोप लगाया की पीएम मोदी के सराहना के बाद भी राज्य सरकार का एक भी नुमाइंदा मेरी का हाल जानने नहीं आया। मैरी नायडू फुटबाल खिलाड़ी सुनील क्षेत्री को अपना आदर्श मानती है और उनके जैसा नाम कमाना चाहती है ।