मुंबई: किसान और सरकार के बीच बातचीत विफल रहने पर होंगे ये परिणाम

विनोद जगदाले, मुंबई(12 मार्च): कर्जमाफी समेत विभिन्न मांगों को लेकर माकपा के किसान संगठन अखिल भारतीय किसान सभा की तरफ से निकाला गया मोर्चा सोमवार तड़के मुंबई के आजाद मैदान पहुंच गया। किसान विधानसभा का घेराव करेंगे। किसानों का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात करेगा। ये मुलाकात दोपहर 2 बजे होगी, जिसके बाद किसान अगले कदम पर फैसला लेंगे।

बैठक में 6 कैबिनेट मंत्री और 6 किसान नेता शामिल होंगे। बैठक में अगर कोई नतीजा नहीं निकलता है तो किसान नेता मोर्चे में शामिल किसानों को संबोधित करेंगे। अगर किसान विधानभवन मार्च करते हैं तो सरकार और पुलिस के लिए मुश्किल पैदा हो सकती है। 

अगर किसान विधान भवन निकलते है तो दक्षिण मुंबई का टाउनइलाका जिसमे मंत्रालय, नरीमन पॉइंट, काला घोड़ा और फोर्ट इलाके में ट्रैफिक की बड़ी समस्या आ सकती है। शाम 5 बजे के बाद दक्षिण मुंबई के कई दफ्तर में काम करनेवाले लोग छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस रेलवे स्टेशन की ओर बढ़ते हैं अगर इसी समय किसान सड़क पर उतरते है तो ट्रैफिक की समस्या पैदा होगी। 

हज़ारो किसान आज़ाद मैदान में मौजूद हैं। आज़ाद मैदान से 100 कदम की दूरी पर छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस रेलवे स्टेशन है अगर वहां किसान पहुंचकर रेल रोकते है तो पिक ऑवर में लोकल ट्रैन का टाइम टेबल चरमरा सकता है? रोजाना 35 लाख से भी ज़्यादा यात्री ठाणे, कल्याण, कसारा और कर्जत की ओर यात्रा करते हैं ऐसे में रेल रोको हुआ तो मुम्बई ठप हो सकती है। अगर किसान मुंबई में रास्ता रोकते हैं तो ईस्टर्न और वेस्टर्न सब अर्बन जानेवाले सभी लोग फस सकतें हैं। 

इससे पहले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार रात कहा कि उनकी सरकार किसानों के साथ बातचीत करने के लिए तैयार है। उन्होंने आंदोलनरत किसानों से सोमवार को शहर में यातायात नहीं रोकने की भी अपील की है।. ताकि शहर में दसवीं की परीक्षा देने वाले छात्रों को परीक्षा केंद्रों पर जाने में दिक्कत न हो।

फडणवीस ने कहा है कि सरकार उनसे बात करेगी और उनके मुद्दों को सुलझाएगी। सरकार उनकी मांगों को लेकर सकारात्मक है। उन्होंने कहा, 'उनकी मांगों पर चर्चा के लिए हमने मंत्रियों की एक समिति बनाई है। हमने उन्हें (किसान नेताओं) को बातचीत के लिए बुलाया है।