दुबई की बच्ची की आंखों पर जन्म से नहीं थी त्वचा, मुंबई में मिली 'नई पलकें'

नई दिल्ली (17 फरवरी): दुबई की एक 2 वर्षीय बच्ची मीरा मोहम्मद राशिद बिना पलकों के पैदा हुई थी। बच्ची में एक खास किस्म की जेनेटिक स्किन कंडीशन थी, जिसे इकथ्योसिस कहते हैं। इस वजह से एक व्यक्ति कम या बिना आइलिड्स के साथ पैदा होते हैं।

'मिड-डे' की रिपोर्ट के मुताबिक, इस कंडीशन का मतलब है कि जन्म के पहले दिन से ही उसकी आंखें खुली ही थीं। वह खुली आंखों के साथ ही सोती थी। उसकी पलकें आंशिक थीं जो उसकी आईब्रोस के साथ में चिपकी हुई थीं।

लेकिन, अब इस स्थिति से इस बच्ची को बाहर निकाल लिया गया है। ऑप्थैल्मिक प्लास्टिक सर्जन सुनील वसानी ने अपनी विशेषज्ञता से इस बच्ची को दोनों पलकें दे दी हैं। बच्ची की पलकों के लिए त्वचा उसकी मां के कान के पिछले हिस्से से निकाली गई। सर्जन डॉक्टर ने इस त्वचा को पलकों के तौर पर इस्तेमाल करते हुए बच्ची की आंखों पर लगा दिया।

इस मुश्किल काम को अंजाम देने वाले सर्जन सुनील वसानी ने बताया, "मैंने मां के कान के पीछे से त्वचा लेने का फैसला इसलिए किया क्योंकि ये एक अच्छा मैच था। नहीं तो मुझे स्किन बैंक जाना होता। इसे कान के पीछे से कॉस्मेटिक पर्पज़ के लिए लिया गया।" 

बता दें, इकथ्योसिस जेनेटिक स्किन फैमिली के उस डिसऑर्डर्स में से एक है, जिसकी खासियत सूखापन, स्केलिंग स्किन होता है। जो या तो बहुत मोटी या बेहद पतली होती है। हर साल 16,000 से भी ज्यादा बच्चे इक्थ्योसिस से किसी तरह ग्रसित पैदा होते हैं।