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जब पटेल की मूर्ति बन सकती है तो अध्यादेश से मंदिर क्यों नहीं- संघ

अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर हिंदूवादी संगठनों ने बीजेपी और केंद्र सरकार पर अपना दबाव बढ़ा दिया है। तमाम हिंदू संगठन सरकार पर संसद के शीतकालीन सत्र में इसको लेकर अध्यादेश लाने की मांग कर रहे हैं

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (3 दिसंबर): अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर हिंदूवादी संगठनों ने बीजेपी और केंद्र सरकार पर अपना दबाव बढ़ा दिया है। तमाम हिंदू संगठन सरकार पर संसद के शीतकालीन सत्र में इसको लेकर अध्यादेश लाने की मांग कर रहे हैं। इसी कड़ी में अयोध्या के बाद विश्व हिंदू परिषद ने मुंबई में रविवार को विराट धर्मसभा का आयोजन किया। रविवार को बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स में जयश्री राम के उद्घोष के बीच साधु-संतों ने राम मंदिर निर्माण को लेकर अपने विचार रखे। जगद्गुरु रामानंदाचार्य, स्वामी नरेंद्र आचार्य महाराज, श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर, आनंद गिरी महाराज, गोविंद देवगिरी महाराज, जैनमुनि पद्म सागर जी महाराज के साथ ही वीएचपी के संयुक्त महामंत्री डॉक्टर सुरेंद्र जैन ने धर्मसभा को संबोधित किया। इस मौके पर आरएसएस के सर सहकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने भी मंदिर निर्माण को लेकर आवाज बुलंद की।

वीएचपी की धर्मसभा का मकसद अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि स्थान पर राम मंदिर के निर्माण के लिए सरकार पर दबाव बनाना है ताकि सरकार संसद के शीतकालीन सत्र में कानून बनाये या फिर अध्यादेश लाये।

हिंदूवादी संगठनों ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए अपनी मुहिम तेज कर दी है। अयोध्या और नागपुर के बाद वीएचपी ने मुंबई में धर्मसभा का आयोजन कर सरकार पर राम मंदिर निर्माण को लेकर दबाव बढ़ाना शुरू कर दिया है। वीएचपी की योजना देश के अलग-अलग हिस्सों में 500 धर्मसभाएं आयोजित करने की है वहीं आरएसएस ने मंदिर निर्माण के मकसद से दिल्ली में 1 दिसंबर से रथयात्रा निकाली है।  जिसे संकल्प रथ यात्रा नाम दिया गया है। 9 दिसंबर तक चलने वाली इस रथयात्रा की जिम्मेदारी स्वदेशी जागरण मंच को दी गई है।

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