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हादसे के बाद मुआवजे का मरहम, पीएम मोदी और राहुल गांधी ने जताया दुख

मुंबई में सरकारी और अधिकारियों की लापरवाही से देखते ही देखते 6 लोगों की मौत हो गई और 36 लोग अस्पताल पहुंच गए, जहां कई लोग जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे हैं। वहीं इस हादसे की जिम्मेदारी लेने से रेलवे और बीएमसी दोनों में से कोई भी तैयार नहीं है

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (15 मार्च): मुंबई में सरकारी और अधिकारियों की लापरवाही से देखते ही देखते 6 लोगों की मौत हो गई और 36 लोग अस्पताल पहुंच गए, जहां कई लोग जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे हैं। वहीं इस हादसे की जिम्मेदारी लेने से  रेलवे और बीएमसी दोनों में से कोई भी तैयार नहीं है। हीं महाराष्ट्र सरकार ने इसकी उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए है। मामले में आजाद मैदान पुलिस स्टेशन में आईपीसी धारा 304 ए  के तहत मध्य रेलवे और बीएमसी के संबंधित अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। हादसे पर सीएम देवेंद्र फडणवीस ने मुआवजे का ऐलान किया है। मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपए का मुआवजा और घायलों को 50 हजार रुपये के मुआवजे का सीएम ने ऐलान किया है। इसके अलावा सीएम ने इस हादसे की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। सीएम ने इस घटना को गंभीर बताते हुए सख्ती से कार्रवाई करने का भरोसा दिया है।

वहीं हादसे पर दु:ख जताते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने घटना के बाद अपने ट्वीट में लिखा, मुंबई में हुए ब्रिज हादसे के कारण हुई लोगों की मौत की खबर सुनकर बेहद दु:खी हूं। मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं और मैं इस घटना में घायल लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। महाराष्ट्र सरकार इस हादसे में हताहत सभी लोगों को हर संभव मदद दे रही है।'

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी मुंबई में एक रेलवे फुट ओवर ब्रिज के ढहने की घटना पर दुख जताया है। राहुल गांधी ने अपने ट्वीट में कहा कि, 'मुंबई फुटओवर ब्रिज हादसे की ख़बर से मुझे बेहद दुःख हुआ है। मृतकों के परिजनों के प्रति मैं अपनी गहरी शोक और संवेदना व्यक्त करता हूं।  जो घायल हैं उन्हें जल्द से जल्द राहत मिले मेरी ये प्रार्थना है।'

रेल मंत्री पीयूष गोयल की भी हादसे पर शोक व्यक्त किया है। पीयूष गोयल ने अपने ट्वीट में लिखा है कि हादसे में पीड़ितों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं। रेलवे डॉक्टर और कर्मचारी राहत कार्य में सहयोग दे रहे हैं।

आपको बता दें कि गुरुवार शाम मुंबई के छत्रपति शिवाजी टर्मिनस के पास फुटओवर ब्रिज अचानक गिर गया। इस हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई, जबकि 36 से ज्यादा लोग घायल हो गए, जिनमें से कई लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है। घायलों का जॉर्ज हॉस्पिटल और गोकुलदास तेजपाल अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस द्वारा जारी लिस्ट के अनुसार हादसे में अपूर्वा प्रभु, रंजना तांबे, जाहिद शिराज खान, मोहन भक्ति शिंदे और तपेंद्र सिंह नाम के छह लोगों की मौत हुई है।  जिस समय हादसा हुआ सीएसटी फुटओवर ब्रिज पर काफी संख्या में लोग थे, क्योंकि यह समय लोगों के ऑफिस से लौटने का था। अब इस ब्रिज को लेकर रेलवे और बीएमसी के बीच ब्लेमगेम शुरू हो गया है। और दोनों में से कोई भी इस हादसे की जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार नहीं है। दोनों एक दूसरे पर इस हादसे का ठिकरा फोड़ रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस ब्रिज के रखरखाव का जिम्मा बीएमसी के पास था, जबकि इस ब्रिज को रेलवे ने बनवाया था। गौरतलब है कि यह ब्रिज 1980 में बना था और यह रेलवे का फुटओवर ब्रिज नहीं है बल्कि यह पब्लिक फुटओवर ब्रिज है। इस हादसे से रेलवे ट्रैफिक प्रभावित नहीं हुआ है। इससे पहले 29 सितंबर 2017 में मुंबई के एलफिंस्टन रेलवे स्टेशन (अभी प्रभादेवी स्टेशन) पर भी फुट ओवर ब्रिज पर भगदड़ हुई थी। इसमें 23 लोगों की मौत हो गई थी। जबकि 50 लोग जख्मी हुए थे।

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