CST हादसा: 60 सेकेंड की रेड लाइट ने बचा ली कई लोगों की जान


न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (15 मार्च): मुंबई की सबसे व्यस्ततम सड़कों में से एक कुर्रा रोड पर गुरुवार शाम 7.30 बजे के करीब फुट ओवर ब्रिज गिर गया। इस हादसे में हादसे में छह लोगों की मौत हो गई और 36 लोग घायल हो गए। सीएसटी के बाहर बने इस ब्रिज के गिरने से हादसा और भीषण हो सकता था। बताया जा रहा है कि जब यह हादसा हुआ तो उस वक्त कुर्रा रोड पर रेड सिग्नल था। अगर उस समय 60 सेकेंड की रेड लाइट न होती तो इसके नीचे कई लोग आ सकते थे। ऐसा होता तो यह हादसा और गंभीर हो सकता था। इस ब्रिज के नीचे से कई कारें, मोटरसाइकिल और दूसरे वाहन गुजरते हैं। अगर ब्रिज गिरते समय रेड लाइट न होती तो जानमाल का और बड़ा नुकसान हो सकता था। हादसे के वक्त इस ब्रिज के नीचे कुछ ठेले वाले थे और एक कार खड़ी थी। बाकी लोग पुल के साथ नीचे गिरने की वजह से घायल हो गए और गंभीर चोटें लगने की वजह से ये लोग अपनी जान से हाथ धो बैठे।



दक्षिण मुंबई के सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशन छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस से डीएन रोड के दूसरी ओर ले जाने वाले फुटओवर ब्रिज का आधा सीमेंट स्लैब गुरुवार शाम 7.30 बजे अचानक भरभराकर गिर गया। हादसे में छह लोगों की मौत हो गई और 36 लोग घायल हो गए। मृतकों की पहचान अपूर्व प्रभु (35), रंजना तांबे (40), भक्ति शिंदे (40), जाहिद शिराज खान (32) और टी सिंह (35) के रूप में हुई, जिसमें दो महिलाएं प्रभु और तांबे जीटी अस्पताल के कर्मचारी हैं। यह 'कसाब पुल' कहलाता है, क्योंकि 2008 में मुंबई हमले के वक्त इसी रास्ते से आतंकी कसाब कॉमा अस्पताल पहुंचा था।



इस हदासे कि जिम्मेदारी रेलवे और बीएमसी में से कोई भी लेने के लिए तैयार नहीं है। बताया जा रहा है कि मरम्मत के बीच ब्रिज पर आवाजाही जारी थी। महाराष्ट्र सरकार ने इसकी उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए है। मामले में आजाद मैदान पुलिस स्टेशन में आईपीसी धारा 304 ए  के तहत मध्य रेलवे और बीएमसी के संबंधित अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। वहीं महाराष्ट्र सरकार के मंत्री विनोद तावड़े ने कहा कि ब्रिज का एक हिस्सा टूटकर गिर गया है। रेलवे और बीएमसी इसकी जांच करेंगे। ब्रिज ठीक हालत में नहीं था, इसमें सिर्फ कुछ मरम्मत की जरूरत थी। काम चल रहा था, ऐसे में लोगों को इस रास्ते से आने-जाने की छूट क्यों दी गई इसकी भी जांच होगी। हादसे पर सीएम देवेंद्र फडणवीस ने मुआवजे का ऐलान किया है। मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपए का मुआवजा और घायलों को 50 हजार रुपये के मुआवजे का सीएम ने ऐलान किया है। इसके अलावा सीएम ने इस हादसे की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। सीएम ने इस घटना को गंभीर बताते हुए सख्ती से कार्रवाई करने का भरोसा दिया है। 




आपको बता दें कि गुरुवार शाम मुंबई के छत्रपति शिवाजी टर्मिनस के पास फुटओवर ब्रिज अचानक गिर गया। इस हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई, जबकि 36 से ज्यादा लोग घायल हो गए, जिनमें से कई लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है। घायलों का जॉर्ज हॉस्पिटल और गोकुलदास तेजपाल अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस द्वारा जारी लिस्ट के अनुसार हादसे में अपूर्वा प्रभु, रंजना तांबे, जाहिद शिराज खान, मोहन भक्ति शिंदे और तपेंद्र सिंह नाम के छह लोगों की मौत हुई है।  जिस समय हादसा हुआ सीएसटी फुटओवर ब्रिज पर काफी संख्या में लोग थे, क्योंकि यह समय लोगों के ऑफिस से लौटने का था। अब इस ब्रिज को लेकर रेलवे और बीएमसी के बीच ब्लेमगेम शुरू हो गया है। और दोनों में से कोई भी इस हादसे की जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार नहीं है। दोनों एक दूसरे पर इस हादसे का ठिकरा फोड़ रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस ब्रिज के रखरखाव का जिम्मा बीएमसी के पास था, जबकि इस ब्रिज को रेलवे ने बनवाया था। गौरतलब है कि यह ब्रिज 1980 में बना था और यह रेलवे का फुटओवर ब्रिज नहीं है बल्कि यह पब्लिक फुटओवर ब्रिज है। इस हादसे से रेलवे ट्रैफिक प्रभावित नहीं हुआ है। इससे पहले 29 सितंबर 2017 में मुंबई के एलफिंस्टन रेलवे स्टेशन (अभी प्रभादेवी स्टेशन) पर भी फुट ओवर ब्रिज पर भगदड़ हुई थी। इसमें 23 लोगों की मौत हो गई थी। जबकि 50 लोग जख्मी हुए थे।