सजा सुनने के बाद अदालत में ही रो पड़ा अबू सलेम

मुंबई (7 सितंबर): 1993 मुंबई ब्लास्ट केस में टाडा की विशेष अदालत ने अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम को उम्रकैद की सजा सुनाई है। सूत्रों ने बताया कि सजा सुनने के बाद अदालत में ही अबू सलेम रो पड़ा। वहीं अबू के दूसरे साथी मोहम्मद ताहिर मर्चेंट और फिरोज अब्दुल राशिद खान को फांसी की सजा सुनाई गई।

अदालत ने करीमुल्लाह खान को भी उम्रकैद की सजा सुनाई और उस पर 7.50 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। यदि करीमुल्लाह यह जुर्माना देने में नाकाम रहता है तो उसे जेल में दो साल और गुजारने होंगे। इसके अलावा एक अन्य आरोपी रियाज सिद्दीकी को 10 साल की सजा सुनाई गई।

अदालत के फैसले के बाद विशेष सरकारी वकील एवं वरिष्ठ अधिवक्ता उज्जवल निकम ने बताया कि अबू सलेम को उम्रकैद हुई है। अबू सलेम 12 साल जेल में गुजार चुका है। ऐसे में भारत और पुर्तगाल मिलकर तय करेंगे को अबू सलेम को जेल में कितना दिन रहना होगा। वैसे मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि पुर्तगाल के कानून के मुताबिक, उम्रकैद का मतलब 25 साल होता है। ऐसे में उसे जेल में और 13 साल गुजारने होंगे।

मुंबई में 12 मार्च 1993 को हुए सीरियल बम धमाकों में 257 लोग मारे गए थे और 700 से ज्यादा घायल हो गए थे। इन धमाकों में करीब 27 करोड़ रुपये की संपत्ति नष्ट हो गई थी। इस मामले में 16 जून, 2017 को जस्टिस जीए सनप ने अबू सलेम, मुस्तफा डोसा, करीमुल्लाह खान, फिरोज अब्दुल रशीद खान, रियाज सिद्दीकी और ताहिर मर्चेंट को धमाकों का षडयंत्र रचने के लिए दोषी माना था जबकि एक अन्य आरोपी अब्दुल कयूम को इस मामले से बरी कर दिया था। इसमें मुस्तफा डोसा की मौत हो चुकी है।