सपा का महाभारत: मुलायम बनेंगे मुख्यमंत्री?

लखनऊ(24 अक्टूबर): समाजवादी पार्टी (एसपी) की दशा और दिशा क्या होगी, इसका फैसला आज हो सकता है। यह दिन एसपी के इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण दिन साबित हो सकता है। पार्टी के अंदर मन से 'मुलायम' और 'लोहे वाला इरादा' रखने के लिए जाने जाने वाले मुलायम सिंह यादव को आज कोई फौलादी फैसला लेना होगा। 

-मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मुलायम अपने बेटे और प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को पार्टी से निकाल सकते हैं। इस स्थिति में अखिलेश यादव नई पार्टी बना सकते हैं। बताया जा रहा है कि नई पार्टी का नाम प्रोग्रेसिव समाजवादी पार्टी होगा। 

- रविवार को दिनभर चले 'गृहयुद्ध' का संघर्षविराम रात को मुलायम की इस घोषणा के साथ हुआ कि अब वह सोमवार को ही अपनी बात रखेंगे। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ मीटिंग के बाद निकले पार्टी मुखिया ने कहा, 'जो बोलना है, कल बोलूंगा'। अब सबकी नजरें इसी बात पर टिकी हैं कि नेताजी कौन सा 'शस्त्र' किधर चलाएंगे। अटकलें हैं कि वह खुद ही सरकार की कमान संभाल सकते हैं।

- राजनीतिक जानकारों का कहना है कि पार्टी अध्यक्ष के रूप में यदि वह बेटे के साथ जाते हैं तो उन्हें अपने भाई शिवपाल यादव और विश्वासपात्र अमर सिंह का त्याग करना होगा, जिन्हें अखिलेश यादव गड़बड़ियों के लिए जिम्मेदार बता रहे हैं। यदि वह ऐसा नहीं करते तो भी उन्हें बेटे के खिलाफ जाना होगा, जो अखिलेश को एक अलग रास्ते पर ले जा सकता है।

- राजनीतिक जानकारों का कहना है कि मुलायम अखिलेश विरोधी कैंप के दबाव में हैं कि वह खुद सरकार की कमान संभाल लें, जिससे वह अब तक इनकार करते रहे हैं। विधानसभा चुनाव से पहले मुलायम परिवार और पार्टी में एकता स्थापित करने के लिए पूरी कोशिश कर रहे हैं।

- रविवार को पार्टी मुख्यालय से सभी विधायकों, विधान परिषद सदस्यों और अन्य पदाधिकारियों को संदेश भेजकर मुलायम की मीटिंग में पहुंचने को कहा गया। हालांकि पहले बैठक का एेजेंडा 5 नवंबर को पार्टी की रजत जयंती समारोह था, लेकिन बदले हालात में अब ऐजेंडा भी बदल चुका है।