INSIDE STORY: मुलायम ने दिया भाई का साथ, बेटे को पिलाई 'डांट'

लखनऊ (17 सितंबर): एक सप्ताह से चल रही लड़ाई में आखिरकार सपा सुप्रीम मुलायम सिंह यादव को आगे आना ही पड़ा। हालांकि उनके आने से यह खत्म तो हो गई, लेकिन उन्होंने प्रदेश के मुखिया और अपने बेटे अखिलेश यादव को इशारों ही इशारों में नसीहत भी दे डाली।

मुलायम ने घोषणा कर दी है कि शिवपाल प्रदेश अध्यक्ष बने रहेंगे। मामला इतना ही होता, तो कहानी खत्म मान लेते, पर ऐसा है नहीं। मुलायम ने जिस तल्ख अंदाज में अखिलेश को लगभग 'डांट' पिलाई है, उसके संदेश कुछ भी हो सकते हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक मुलायम सिंह ने कार्यकर्ता सम्मेलन में स्पष्ट कर दिया कि शिवपाल की हनक कम नहीं होगी। एसपी सुप्रीमो ने कहा, 'अगर वह (अखिलेश) मेरे बेटे नहीं होते तो उन्हें कोई स्वीकार नहीं करता। मैंने और शिवपाल ने जब समाजवादी पार्टी बनाई तब अखिलेश स्कूल में थे।'

बिफरे मुलायम ने आगे कहा कि कोई भी अपनी मनमर्जी नहीं कर सकता। मुलायम की नाराजगी इस बात को लेकर थी कि कोई समस्या थी तो उनके सामने आनी थी। उन्होंने सवाल किया, 'अखिलेश ने शिवपाल के पोर्टफोलियो क्यों लिए?'

मुलायम ने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि शिवपाल ने समाजवादी पार्टी को फलने-फूलने में काफी मेहनत की है। मुलायम बोले, 'मैंने पार्टी को अपने खून से सींचा। शिवपाल ने पार्टी के लिए काफी कुछ झेला और त्याग किया।' मुलायम ने कहा कि अखिलेश भी गलत निर्णय ले सकते हैं और उनके पास अधिकार है कि वह इन गलतियों को सुधारें।