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मुलायम बोले- मेरा नाम रखा संरक्षक, लेकिन लिखा नहीं क्या करना है ?

सपा और बसपा गठबंधन पर पहली बार सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने मीडिया के सामने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने सपा-बसपा के गठबंधन को गलत ठहराते हुए कहा कि पता नहीं अखिलेश यादव ने किस आधार पर राज्य

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न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (21 फरवरी): सपा और बसपा गठबंधन पर पहली बार सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने मीडिया के सामने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने सपा-बसपा के गठबंधन को गलत ठहराते हुए कहा कि पता नहीं अखिलेश यादव ने किस आधार पर राज्य की आधा सीटें बसपा को दे दीं। मुलायम के मुताबिक एसपी बहुत ज्यादा मजबूत थी और प्रदेश में सभी 80 सीटों पर अकेले लड़ने का माद्दा रखती थी, लेकिन पार्टी के अंदर के लोगों ने ही उसे कमजोर कर दिया।

मुलायम ने सपा सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा करने में देरी पर भी नाराजगी जताते हुए कहा कि अब तक अखिलेश ने उम्मीदवार तय नहीं किए हैं। अगर अखिलेश टिकट ना बांट पाए तो हम बांट दे, हमें ज्यादा अनुभव है। जिसे टिकट चाहिए वो हमें लिखे। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मेरा नाम संरक्षक रख दिया है, लेकिन लिखा नहीं है कि मुझे क्या करना है। आगे भी यह मुझे ऐसे ही एडजस्ट कर देंगे। सपा संरक्षक मुलायम सिंह ने कहा कि पार्टी के लोग यदि उन तक कोई बात पहुंचाना चाहते हैं तो वे अपना नाम लिए बगैर उन्हें पत्र लिख सकते हैं।

इसके साथ ही मुलायम सिंह यादव ने कहा कि राज्य में लड़ाई भाजपा से है और किसी से नहीं। उन्होंने कहा, 'गठबंधन को लेकर मैं बात करता तो समझ में आता, लेकिन अब लोग कह रहे है कि लड़का बात करके चला गया।' मुलायम सिंह ने कहा कि एसपी को अपनी ही पार्टी के लोग खत्म कर रहे हैं। अकेले अपने दम पर पार्टी ने तीन बार सरकार बनाई है, लेकिन यहां तो लड़ने से पहले ही आधी सीटें दे दी गई हैं। हम राजनीति नहीं कर रहे हैं, लेकिन हम सही बात रख रहे हैं।

बता दें कि कभी एक दूसरे की साथी रहीं समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने करीब 25 साल बाद एक बार फिर साथ आने का ऐतिहासिक ऐलान किया। पिछले दिनों एसपी अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में बीएसपी मुखिया मायावती ने इसकी घोषणा की। इस वक्त सूबे में एसपी के पास 7 सीटें हैं तो वहीं बीएसपी के पास एक भी सीट नहीं है।

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