जिस मुख्तार अंसारी पर दर्ज हैं मर्डर-किडनैपिंग जैसे 31 मामलों उसे मुलायम ने बताया इज्जतदार

नई दिल्ली (24 अक्टूबर): अखिलेश यादव और शिवपाल यादव का झगड़ा सुलझाने में लगे मुलायम सिंह यादव ने अमर सिंह के साथ-साथ मुख्तार अंसारी के परिवार को भी इज्जतदार बता डाला। हालांकि अखिलेश यादव पहले ही उन्हें गुंड़े की संज्ञा दे चुके हैं, लेकिन उनके पिता को वह शरीफ नजर आते हैं।

मुलायम ने क्या कहा : मुख्तार अंसारी का सम्मानित परिवार है। अंसारी के दादा आजादी में लड़ाई लड़े। परिवार के लोग उप-राष्ट्रपति रहे।

हकीकत क्या है: - मऊ से विधायक अंसारी का 1988 में पहली बार मर्डर केस में नाम आया था। सबूत नहीं मिले। - 2005 में बीजेपी नेता कृष्णानंद राय के मर्डर का आरोप लगा। वह इसमें भी बरी हो गया। - मकोका और किडनैपिंग समेत कई केस दर्ज हैं। 2005 तक उस पर करीब 31 केस दर्ज थे। - 2010 में अंसारी पर राम सिंह मौर्य की हत्या का आरोप लगा। - मायावती ने उसे बसपा से निकाल दिया था। फिर कौमी एकता दल बनाया।

विवाद में क्यों आया नाम: मुख्तार की पार्टी कौमी एकता दल का सपा में विलय कराने की शिवपाल ने जून कोशिश की थी। अखिलेश ने विरोध किया। बाद में शिवपाल के कहने पर मुलायम ने इसी महीने विलय करा दिया।