नहीं बन रही बात, मुफ्ती परिवार ने छोड़ा सीएम आवास

नई दिल्ली (28 जनवरी): जम्मू-कश्मीर में सरकार गठन में लगातार देरी के बीच खबर है कि मुफ्ती परिवार ने अपनी सुरक्षा लौटाने के साथ ही सीएम आवास भी छोड़ दिया। इसके अलावा सरकारी गाड़ी भी लौटाई गई है।

दिवंगत मुफ्ती सईद की पत्नी गुलशन बानो अपना निजी सामान भी सीएम आवास ले ले गई हैं। सूत्रों के मुताबिक महबूबा मुफ्ती सीएम का पद तभी संभालेंगी, जब उन्हें आश्वासन मिले कि उनके काम में किसी तरह का दखल ना हो। अभी तक पीएम मोदी ने भी उनसे बात नहीं की है। दरअसल, गठबंधन को जारी रखने से पहले महबूबा कुछ बातें साफ कर लेना चाहती हैं।

महबूबा चाहती हैं कि राज्य की नदी पर बनाए गए केंद्र द्वारा चालित पावर प्रोजेक्ट राज्य के हवाले किए जाएं। उनकी एक और शर्त है कि दिल्ली सरकार अलगाववादियों से बात करे। सेना द्वारा निजी जमीनों पर किए गए कब्जों को हटाया जाए। वही चाहती हैं कि किसी भी तरह के भावात्मक मुद्दों को तूल न दिया जाए जैसे की बीफ, अनुच्छेद 370।

पीडीपी को ये भी लग रहा है कि जमीनी स्तर पर वह अपनी पकड़ खो रही है। राज्य की जनता बीजेपी-पीडीपी गठबंधन के पक्ष में नहीं दिख रही है। मुफ्ती के जनाजे और फिर चौथा में उमड़ी कम भीड़ ने इसकी ओर साफ इशारा भी किया। इस वाकये ने भी पीडीपी को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि वह बीजेपी के साथ गठबंधन जारी रखे या नहीं।