ये है भारत का दूसरा 'जाकिर नाईक', ISIS के लिए लड़ने को करता है अपील

नई दिल्ली (19 जुलाई): अपने भाषणों और अपनी तकरीरों से हिंदुस्तान के नौजवानों को भड़काने वाले एक और मस्लिम धर्मगुरू का पता चला है। ये धर्मगुरू भी जाकिर नाईक की तरह जेहाद का रास्ता अख्तियार करने के लिए नौजवानों को प्रेरित कर रहा था। जाकिर नाइक से भी दो कदम आगे बढ़कर ये धर्मगुरू युवाओं को सीरिया जाकर ISIS के लिए लड़ने की अपील करता था। ये धर्मगुरू इस वक्त एनआईए की गिरफ्त में है। एनआईए ने इसकी सारी वेबसाइट और ब्लॉग पर बैन लगा दिया है।

हिंदुस्तान में नौजवान खून को भड़काने के लिए ऐसी तकरीरों का सहारा लिया जा रहा है। कुछ लोग धर्म के नाम पर नौजवानों को आतंकवाद का रास्ता अख्तियार करने के लिए उकसा रहे हैं, उन्हीं में से एक है मुफ्ति अब्दुस सामी।

मुफ्ति अब्दुस सामी की 3 वेबसाइट को बंद कर दिया है। सामी की ब्लॉग्स पर भी एनआईए ने रोक लगाई। मुफ्ति अब्दुस सामी इस वक्त एनआईए की गिरफ्त में हैं। सामी को फरवरी में एनआईए ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद इसकी वेबसाइट, इसके ब्लॉग्स और भाषणों की जांच  हुई और ये पाया गया कि ये धर्मगुरू अधर्म की बाते करता है, लोगों को सीरिया, इराक जाकर ISIS में भर्ती होने की वकालत करता है।

46 साल का मफ्ति अब्दुस यूपी के रामपुर का रहने वाला है। सूत्रों के मुताबिक सामी के बयान सुनकर अब तक दो दर्जन से ज्यादा युवक आतंकवाद से प्रभावित हो चुके हैं। ये युवक यूपी, हैदराबाद, बैंगलूरु, और मुंबई से हैं। सामी ने दो वेबसाइट भी तैयार की थी जो ISIS के समर्थन में थीं।

जाकिर नाईक की तरह अब्दुस सामी ने भी अपने कई वीडियो यूट्यूब पर डाले हुए हैं, जिन्हें सुनकर कुछ नौजवान आतंकवाद के लिए प्रेरित हो रहे हैं। एनआईए ने भले ही सामी की वेबसाइट और ब्लॉग बंद कर दिए हों लेकिन इसके कई वीडियो अब भी यूट्यूब पर देखे जा सकते हैं जिनपर फौरन बैन लगना चाहिए। बताया जा रहा है कि मुफ्ति का ट्विटर अकाउंट भी है, जांच एजेंसियां इसकी जांच कर रही हैं।

सामी ने अपने भाषण 2013 में वेबसाइट पर डालने शुरू किए थे अपने एक समर्थक की मदद से वो अपनी स्पीच ईमेल के जरिए अपने समर्थकों तक पहुंचाने लगा। फिर वो समर्थक इन भाषणों को वेबसाइट पर डाल देते जो कोई भी देख सकता है। 2014 में इसने वेबसाइट शुरू की, वो व्हाटसप पर ISIS के समर्थन वाले कई ग्रुप का मेंबर भी है।

बताया जा रहा है कि अब्दुस सामी ने आंध्रप्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, गुजरात समेत कई राज्यों में अपने भाषण दिए हैं। अपने भाषणों से सामी ने ISIS का प्रचार किया और बगदादी के आतंकवाद का समर्थन किया। सामी ने कई नौजवानों को सीरिया जाकर ISIS के लिए लड़ने के लिए भी उकसाया।

सामी और जाकिर के बाद सुरक्षा एजेंसियों की नजर उन सब धर्मगुरुओं पर है जो ऐसी तकरीरे देते हैं और अपने अधर्म भाषणों के जरिए नौजवानों को भड़काने के लिए सोशल साइट्स का इस्तेमाल करते हैं।