डेढ़ गुना एमएसपी पर स्वामीनाथन ने जताई खुशी, कहा- इससे किसान अधिक खुश होंगे

नई दिल्ली ( 2 फरवरी ): वित्त मंत्री अरुण जेटली ने साल 2018-19 के लिए गुरुवार को बजट पेश कर दिया। इस बजट में सबसे ज्यादा चर्चा किसानों की हुई। बजट भाषण की शुरुआत में ही वित्त मंत्री अरुण जेटली ने यह कहकर सबको चौंका दिया कि रबी की अधिकांश फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) लागत से कम से कम डेढ़ गुना तय किया जा चुका है। आगामी खरीफ से सभी अधिघोषित फसलों का एमएसपी उत्पादन लागत से कम से कम डेढ़ गुना करने का फैसला लिया गया है।

सरकार के इस फैसले पर भारत में हरित क्रांति के जनक माने जाने वाले एमएस स्वामीनाथन ने खुशी जाहिर की है। स्वामीनाथन ने कहा, बजट में कहा गया है कि जिन फसलों का एमएसपी नहीं घोषित किया गया है उनका एमएसपी लागत मूल्य से डेढ़ गुना होगा।। मुझे खुशी है कि 10 साल बाद इस फार्मूले की सिफारिश को सरकार ने स्वीकार किया है। देर आए दुरुस्त आए। इससे किसान अधिक खुश होंगे।”

बता दें कि डॉ. एमएस स्वामीनाथन की अध्यक्षता वाले किसान आयोग (2004-2006) की रिपोर्ट इस एमएसपी की बात थी। स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश थी कि उपज की लागत पर 50 फीसदी मुनाफा जोड़कर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) दिया जाना चाहिए।