सांसदों की सैलरी में 100 फीसदी बढ़ोतरी की तैयारी!

नई दिल्ली (18 जुलाई): सरकारी कर्मचारियों को 7वां वेतन आयोग कर तोहफा देने के बाद संसद के दोनों सदनों के करीब 800 सांसदों की बेसिक सैलरी 50,000 रुपये से दोगुनी कर एक लाख रुपये प्रति महीने करने पर विचार किया जा रहा है।

सांसदों की एक समिति द्वारा नए वेतन की सिफारिश के बाद मंत्रियों के एक समूह ने इसे मंजूरी देकर कैबिनेट को सौंप दिया है और अब इस पर अंतिम निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लेंगे। अगर पीएम मोदी नई सिफारिशों पर अपनी सहमति जता देते हैं, तो इसे संसद के इसी सत्र में मंजूरी मिल जाने की संभावना है। नया वेतनमान 1 अप्रैल से लागू होगा। संसद का मॉनसून सत्र सोमवार से शुरू होकर 5 अगस्त तक चलेगा।

सिफारिश के बाद इतनी होगी सांसदों की सैलरी: - नई सिफारिशों के बाद सांसदों की तनख्वाह दोगुनी होकर एक लाख रुपये प्रति माह हो जाएगी। - बढ़ी हुई तनख्वाह के अनुरूप ही भत्तों में भी बढ़ोतरी होगी। - सांसदों के अपने संसदीय क्षेत्र के लिए यात्रा भत्ते और अन्य रकम भी बढ़कर 90,000 रुपये महीने हो जाएंगे। -ऑफिस स्टाफ के लिए उन्हें मिलने वाले पैसे भी दोगुने हो जाएंगे। - सरकारी आवास के फर्नीचर के लिए मिलने वाला सालाना भत्ता भी दोगुना होकर 1,50,000 रुपये हो जाएगा। - संसदीय क्षेत्र के आवास के लिए 1700 रुपये का मुफ्त ब्रॉडबैंड भी मुहैया कराया जाएगा। - पूर्व सांसदों के लिए मासिक पेंशन 20,000 रुपये से बढ़कर 35,000 रुपये हो जाएगी। - सांसदों को वेतन एवं भत्ते मिलाकर महीने में 1,90,000 की जगह 2,80,000 रुपये मिलेंगे। - भारतीय सांसदों का वेतन पुनरीक्षण छह साल पहले हुआ था। हालांकि आलोचकों के इस तर्क से कुछ सांसद सहमत हैं कि सांसदों को खुद की सैलरी बढ़ाने का अधिकार नहीं होना चाहिए।