दीवालिया होते ही सांसद की खुद खत्म हो जायेगी सदस्यता

नई दिल्ली (2 मई): संसद की आचार एथिक्स कमेटी की भगोड़े विजय माल्या को निष्काषित करने की सिफारिश के बाद जल्द ही एक नया कानून आ सकता है, जिसमें दिवालिया हो चुका व्यक्ति खुद ही सांसद बनने के लिए अयोग्य घोषित माना जा सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भाजपा सांसद भूपेंद्र यादव की अध्यक्षता में दिवालियापन विधेयक पर बनी एक संयुक्त समिति है।

इस समिति  ने अयोग्यता के लिए कई सिफारिशें की हैं जिसमें दिवालिया हो चुके व्यक्ति को किसी भी सार्वजनिक कार्यालयों या स्थानीय निकायों में चुनाव लड़ने के अयोग्य घोषित किया जाना शामिल है। यदि इन सिफारिशों को सरकार स्वीकार कर लेती है तो संसद के वर्तमान सत्र में इस संशोधित विधेयक को पेश किया जा सकता है। इसके तहत दिवालिया हो चुके लोगों पर नगर निकायों, राज्य विधानसभाओं और सांसद का चुनाव लड़ने पर भी प्रतिबंध लग सकता है।