शाजापुर ट्रेन ब्लास्ट: इस्तेमाल किए पाइप पर लिखा है इस्लामिक स्टेट: MP पुलिस

नई दिल्ली(9 मार्च): उत्तर प्रदेश पुलिस के मुताबिक मध्य प्रदेश के शाजापुर ट्रेन ब्लास्ट के संदिग्ध आतंकियों के आईएस से सीधे तौर पर जुड़ने के कोई सबूत नहीं हैं। वहीं, एमपी पुलिस को जो सबूत हाथ लगे हैं वे साफ इशारा कर रहे हैं कि इन आतंकियों के तार आईएस से जुड़े हैं।

- पुलिस अफसरों ने मुख्यमंत्री को संदिग्धों के आईएस से जुड़े होने के पुख्ता सबूत भी दिखाए हैं।

- आतंकियों ने ब्लास्ट वाली जगह के फोटो अपने हैंडलर के जरिए सोशल मीडिया पर अपलोड किए हैं।

- धमाके के लिए जिस पाइप का इस्तेमाल किया गया था उस पर भी लिखा है- इस्लामिक स्टेट, वी आर इन इंडियन।

- मध्यप्रदेश पुलिस ने पूरी प्लानिंग को डिकोड करने का दावा किया है। बम की फोटो सीरिया भेजी जाने की जानकारी भी पुलिस को लगी है। यह इनपुट एनआईए को दिया गया है।

- एमपी के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को विधानसभा में बताया कि ट्रेन ब्लास्ट प्लांड आतंकवादी हमला था। आईएस से जुड़े आतंकियों ने आईईडी के जरिए ब्लास्ट किया। उन्होंने कहा कि पकड़े गए लोग आईएस की विचारधारा से इंस्पायर थे। उनके आईएस के आॅपरेटरों के साथ संबंध हैं। आतंकी पुष्पक एक्सप्रेस से आए थे।

- यूपी के एडीजी दलजीत चौधरी ने बुधवार को बताया- " सैफुल्लाह और उसके साथी आईएसआईएस के ऑनलाइन प्रोपेगेंडा से प्रभावित थे। इनके आईएस से लिंक के सबूत नहीं हैं। इन्होंने खुद ही कानपुर-लखनऊ में स्वयंभू आईएस खुरासान सेल बना लिया था। बाहर से इनकी कोई फंडिंग नहीं थी।"

- " ये ठाकुरगंज के मकान से प्लानिंग करते थे। इनकी कई जगह धमाके की प्लानिंग थी। सीरिया फोटो भेजे जाने के सवाल पर कहा- हमें इसकी जानकारी नहीं है। इनके आईएस से लिंक के सबूत नहीं हैं। बता दें कि यूपी पुलिस ने एनकाउंटर के दौरान इनके आईएस से जुड़े होने का दावा किया था।"

- इन संदिग्धों को पता था कि ट्रेन नंबर 59320 भोपाल-उज्जैन पेसेंजर जैसी ट्रेनों में चैकिंग या पड़ताल नहीं होती है। इसलिए ब्लास्ट को अंजाम देने आसानी होगी।