VIDEO: भैंसों के तबेले में पढ़ाई करने को मजबूर बच्चे


अफसर खान, रतलाम (24 जुलाई): मध्य प्रदेश के रतलाम में सरकारी स्कूल का अपना भवन नहीं होने के चलते बच्चे और भैंस दोनों की जिंदगी एक टिन के शेड के नीचे गुजर रही है। यहां पर रात में भैंस बंधती है तो दिन में बच्चे पढ़ते हैं। सराकरी स्कूल में पढ़ते बच्चों की ये तस्वीरे हैरानी से कहीं ज्यादा शर्मिंदा करने वाली हैं।

शर्मिंदा इसलिए क्योंकि जिन नौनिहालों के दम पर देश अपने सुनहरे भविष्य के सपने संजो रहा है, वो नौनिहाल किन हालात में तैयार हो रहे हैं इसे जानना भी जरूरी है। दरअसल टिन का शेड जानवरों के लिए लगाया गया, लेकिन इस तबेले को बच्चों के भविष्य को तैयार करने में लगा दिया गया। आपको जानकर ये भी हैरानी होगी कि इस टिन के शेट के करीब शराब बनाने की भट्टी भी है, जिसकी बदबू से हर कोई परेशान है।

बदहाल स्कूल की ये तस्वीरें मध्य प्रदेश के रतलाम के हनुमान फलिया की है। सरकारी दस्तावेजों में भले ही ये स्कूल हो, लेकिन हकीकत में ये तबेला है। स्कूल भवन के नाम पर टिन का शेड है, जहां धुआं, धूप, बारिश, जानवर का बेरोक-टोक आना जाना है। चूल्हे पर मंडराती मक्खियां भी बच्चों की इस पाठशाला भी बराबर की हिस्सेदार हैं।

दरअसल हनुमान फलियां गांव के प्राथमिक स्कूल के भवन का निर्माण पूरा नहीं होने से ये निजी मकान में चल रहा है। बच्चों की तादाद बढ़ने के चलते अब उन्हें बारिश के बीच टीन की शेड के नीचे और भैंसों के तबले में पढ़ाई करनी पड़ रही है। बच्चे जहां पढ़ते हैं वहीं मिड-डे मिल भी बनता है।