24 घंटे बाद डूबने वाले हैं 18000 परिवार !

गोविन्द गुर्जर, धार (30 जुलाई): मध्यप्रदेश के 4 जिलों के 18 हजार परिवार पर डूबने का खतरा मंडरा है। सरकारी फरमान के मुताबिक यहां के 193 गांव 24 घंटे बाद जलमग्न हो जाएगा। लिहाजा जिला प्रशासन ने लोगों से तत्काल घर खाली करने को कहा है। इस सिलसिले में जिला प्रशासन ने जगह-जगह नोटिस भी चश्पा रखा है।

बताया जा रहा है कि ये तमाम गांव सरदार सरोवर बांध के पानी में जल समाधी ले लेंगे। लेकिन इसके उलट इलाके के तमाम लोग ज़िद पर अड़े हुए हैं कि चाहे दुनिया इधर से उधर हो जाए सम्पूर्ण पुनर्वास पूरा होने की शर्त पर ही वो अपना घरवार और जमीन जायदाद छोड़ेंगे। इस सिलसिले में समाज सेवी मेधा पाटकर पिछले कई दिनों से धार जिले के चिकल्धा गांव में अनशन पर बैठी हुई है।

विस्थापितों के उचित पुनर्वास की मांग को लेकर धार जिले के चिखल्दा गांव के निकट नर्मदा नदी के पानी में बडी तादात में लोगों ने जल सत्याग्रह कर प्रदर्शन किया। इस दौरान उनके गले-गले तक पानी था और प्रदर्शनकारी कुछ घंटों तक इसी तरह पानी में खडे रहे।

वहीं प्रशासन का कहना है कि अगर 31 जुलाई तक गांव खाली नहीं किया तो इसे SC की अवहेलना माना जायेगा। गौरतलब है कि नवागाम के पास गुजरात में नर्मदा नदी पर बने सरदार सरोवर बांध के गेटों को पिछले महीने बंद करने से मध्यप्रदेश के 40,000 परिवार डूब की चपेट में आ रहे है और मध्यप्रदेश सरकार ने उन्हें कल तक अपने-अपने घरों को छोडने को कहा है।