एमपी से छत्तीसगढ़ तक संतों को खुश करने में जुटी बीजेपी

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (23 अक्टूबर): एमपी से छत्तीसगढ़ तक जीत के लिए बीजेपी संतों को खुश करने में जुट गई है। एक तरफ जहां एमपी में सीएम शिवराज सिंह ने बाबाओं के सम्मान में भाषण दिया, वहीं दूसरी तरफ छत्तीसगढ़ में सीएम रमन सिंह ने योगी आदित्यनाथ के पैर छुए।छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के आने वाले विधानसभा चुनाव में बीजेपी की नैया बिना संतों के आशीर्वाद के पार नहीं होने वाली। चुनाव प्रचार से पहले यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रमन सिंह के घर पहुंचे हैं। संत की तरह योगी आदित्यनाथ का स्वागत किया जा रहा है, पुरोहित लोग मंत्रोच्चार कर रहे है, जिसके बाद योगी आदित्यनाथ की आरती उतारी जाती है। पत्नी,बेटे समेत पूरे परिवार ने पैर छूकर आशीर्वाद लिया और बाद में रमन सिंह ने खुद चरण छूकर योगी आदित्यनाथ का आशीर्वाद लिया। योगी आदित्यनाथ का आशीर्वाद लेकर रमन सिंह पर्चा दाखिल करने पहुंचे और लगे हाथ योगी ने भी खुश होकर रमन सिंह सरकार की तारीफ करते हुए जीत का आशीर्वाद दे दिया।

कम्प्यूटर बाबा समेत कई बाबाओं की शिवराज सरकार से नाराजगी की खबर जब सामने आई तो लगने लगा था कि इस बार बाबाओं को शिवराज का आशीर्वाद नहीं मिलेगा, लेकिन राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त एक दूसरे बाबा स्वामी अखिलेश्वरानंद ने शिवराज सिंह चौहान के समर्थन कर साफ कर दिया कि इस बार भी शिवराज पर बाबाओं का आशीर्वाद बना रहेगा। स्वामी अखिलेश्वरानंद द्वारा आयोजित संत समागम में शिवराज सिंह चौहान शामिल हुए और संतों का आशीर्वाद लिया। संतों ने भी उन्हें चौथी बार सरकार बनाने का आशीर्वाद दे दिया।  कांग्रेस इसे बीजेपी का हथकंडा बता रही है तो बीजेपी नेताओं का तर्क है कि शिवराज सरकार हमेशा संत समाज की सेवा करती रही है और संत समाज में शिवराज सरकार को लेकर कोई नाराजगी नहीं हैं। संतों को लेकर मध्य प्रदेश में सियासत चरम पर है। इंदौर में कंप्यूटर बाबा शिवराज सरकार के खिलाफ धूनी रमा रखे है तो शिवराज को कई बाबाओं का आशीर्वाद भी मिल गया है, लेकिन सवाल ये है कि बाबाओं का ये आशीर्वाद क्या जीत में बदल पाएगा।