12वीं की परीक्षा में पूछा गया जातिगत आरक्षण पर सवाल

गोविंद सिंह, भोपाल (8 मार्च): आरक्षण की धधकती आग से हरियाणा अभी ठंडा भी नहीं हुआ था कि मध्यप्रदेश में आरक्षण पर फिर एक नया विवाद शुरू हो गया है। एमपी में बोर्ड की 12वीं की परीक्षा में जातिगत आरक्षण को लेकर छात्रों से सवाल पूछा गया है। इस मुद्दे ने राजनीतिक विवाद की शक्ल ले ली है।

प्रश्नपत्र में आरक्षण समाज के लिए घातक टॉपिक पर निबंध लिखने को कहा गया है। इस प्रश्नपत्र के बाहर आते ही सियासी हलके में खलबली मच गई। कांग्रेस ने बीजेपी को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा है कि ये सवाल बीजेपी की आरक्षण विरोधी विचारधारा का सिंबल है।

आपको बता दें कि मध्य प्रदेश में बीजेपी की सरकार है और पिछले चंद महीने से आरएसएस जातिगत आरक्षण की मुखालफत कर रहा है। यहां तक कि संघ प्रमुख मोहन भागवत भी कई बार इसपर बयान दे चुके हैं। भागवत ने बंगाल में कहा था कि मुझे लगता है कि आरक्षण की योग्यता पर फैसला करने के लिए एक समिति का गठन किया जाना चाहिए। समिति को गैर-राजनीतिक होना चाहिए ताकि कोई निहित स्वार्थ शामिल न हो। समाज के किस वर्ग को आगे लाया जाए, उन्हें कब तक आरक्षण दिया जाए, इसे लेकर एक समयबद्ध योजना तैयार की जानी चाहिए। किसी खास जाति में जन्म लेने के कारण किसी व्यक्ति को मौका ना मिले, ऐसा नहीं होना चाहिए।

न्यूज 24 से सबसे पहले इस खबर को दिखाया था। खबर को दिखाए जाने के बाद राज्य की बीजेपी सरकार हरकत में आई और पूरे मामले की जांच की बाच कह रही है।