हादसा नहीं साजिश था कानपुर ट्रेन एक्सीडेंट, दुबई से भेजा गया था मोटा पैसा !

इंदौर (17 जनवरी): पिछले साल 20 नवंबर को कानपुर के पास इंदौर-पटना एक्सप्रेस ट्रेन हादसे की गुत्थी को बिहार पुलिस ने सुलझा लेने का दावा किया है। इस हादसे में 153 लोगों की मौत हो गई थी जबकि 200 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे।

कानपुर में ट्रेन हादसे के बारे में बिहार पुलिस ने सनसनीख़ेज़ खुलासा किया है। बिहार पुलिस के मुताबिक कानपुर रेल हादसा असल में आतंकी साज़िश थी, जिसे पाकिस्तान की ख़ुफ़िया एजेंसी ISI ने अंजाम दिया था।

बिहार पुलिस ने मोतिहारी जिले से मोती पासवान नाम के एक शख़्स को गिरफ़्तार किया है। पुलिस के मुताबिक मोती ने कबूल किया है कि उसी ने कानपुर में रेल पटरी को बम धमाके से उड़ाया था। इसके लिए आईएसआई ने उसको नेपाल के रास्ते मोटी रकम भेजी थी। दिल्ली में भी 2 आरोपियों को इस मामले में गिरफ़्तार किया गया है।

दरअसल, बिहार की पुलिस पूर्वी चंपारण के घोड़ासहन  में एक अक्टूबर 2016 को रेल पटरी पर मिले बम के मामले की जांच कर रही थी। जांच के दौरान इस मामले में मोती पासवान नामक व्यक्ति की संलिप्तता सामने आयी। मोती से जब पूछताछ हुई तो ये सनसनीखेज खुलासा हुआ। दुबई में बैठे नेपाली कारोबारी शमसुल होदा ने ये साजिश रची थी। उसने नेपाल के अपराधी ब्रजकिशोर गिरी के जरिये पैसा भिजवाया। इसी पैसे से अपराधियों ने रेल पटरियों पर बम लगाया।

पुलिस ने मोती पासवान से पूछताछ के आधार पर दिल्ली से दो और अपराधियों को धर दबोचा है। हालांकि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मोतिहारी पुलिस ज्यादा कुछ बोलने से परहेज कर रही है।

जिले के एसपी जितेंद्र राणा ने कहा कि उमाशंकर पटेल, मोती पासवान, मुकेश यादव को रक्सौल के विभिन्न क्षेत्रों से गिरफ्तार किया गया था। इन 3 से पूछताछ आधार पर  दो लड़के अरुण राम और  दीपक राम की नेपाल में हत्या के मामले का खुलासा किया गया।

एसपी ने बताया कि पूछताछ के दौरान मोती पासवान ने खुलासा किया है कि पटना-इंदौर रेल हादसे में उसका हाथ था।  नेपाल में बैठे ब्रजकिशोर गिरी ने इसके लिए फंडिंग की थी। नेपाल में ब्रजकिशोर गिरी, मुजाहिर अंसारी, शंभु उर्फ चंडू, गजेद्र शर्मा  और राकेश यादव  को गिरफ्तार किया गया है। इस मामले की जांच की जा रही है।