बेटी-बहु के घर में आग लगा रहीं हैं 'मम्मियां'

नई दिल्ली (22 मई): कुछ मम्मियों के बेटी-बहु के घर में अनावश्यक हस्तक्षेप से पति-पत्नी के रिश्ते में दरार पड़ रही है। शादी के साल दो साल बाद मम्मियां अपनी नाक की लड़ाई बना लेती हैं और मामला कोर्ट कचहरी तक पहुंच जाता हैं। यह निष्कर्ष महिला हेल्पलाइन में पति-पत्नी के विवादों के निपटारे के दौरान निकला है। दिल्ली में पिछले तीन महीनों में करीब तीन दर्जन ऐसे मामले आए हैं, जिनमें कई कोशिशों के बावजूद 'मम्मियां' बच्चों की गृहस्थी दोबारा नहीं बसने दे रही हैं। कोर्ट में एक मामला ऐसा आया जिसमें एक शादी को पांच साल हो चुके थे।

पति-पत्नी के बीच अक्सर छुटपुट लड़ाई हो जाती थी। एक बार बहु की किसी बात पर अपनी सास से बहस हो गई। झगड़ा इतना बढ़ा कि लड़की पहले मायके और फिर अपनी मम्मी के साथ महिला हेल्पलाइन पहुंच गई। हेल्पलाइन में 'दोनों मम्मियों' का खूब झगड़ा हुआ। आखिरकार काउंसलर ने मम्मियों को काउंसलिंग में आने से मना कर दिया।ऐसा ही एक और केस कोर्ट में पहुंचा जिसमें शादी को चार साल हो चुके थे। लड़की को अपने पति से कोई शिकायत नहीं है। उसे परेशानी है अपनी सास की टोका-टाकी से। यह लड़की भी अपनी मम्मी के साथ ही हेल्पलाइन जाती है। उसके पति का कहना है कि जब तुम मम्मी को लाओगी तो मैं भी अपनी मम्मी के साथ रहूंगा और उन्हें साथ लाऊंगा।

हेल्पलाइन में भले ही वह दोनों कुछ न बोलते हों, लेकिन उनकी मम्मियां भिड़ जाती हैं। काउंसलर्स ने इनसे बात की तो इन्हें आपस में कोई परेशानी नहीं है, लेकिन मम्मियां एक-दूसरे को बर्दाश्त नहीं कर सकतीं। मम्मियों के हस्तक्षेप की वजह से दोनों के बीच झगड़े बढ़ रहे हैं। यही वजह है कि काउंसलिंग के समय सिर्फ दोनों को ही कमरे में बैठाया जाता है। परिवार के अन्य लोगों को बाहर बैठने को कह दिया जाता है। अक्सर यहां मम्मियां आपस में लड़ बैठती हैं।