निर्दयी मां ने फेंका जिगर के टुकडे को

नई दिल्ली(9 सितंबर): जाकौ राखै मार सके न कोय यह कहावत पन्ना मे उस समय चरित्रार्थ हो गई जब एक नाले मे पन्नी मे बाॅधकर एक निर्दयी मां ने मरने के लिये 24 धंटे की बच्ची को फेंक दिया पर राहगीरों ने रोने की आबाज सुनी और 12 धंटे बाद सही सलामत इस बच्ची को अस्पताल मे भर्ती कराया गया है। 

- सरकार बेटी बचाओ के नाम पर भले ही करोडों रूपये पानी की तरह बहा रही हो पर लगता है कि हमारे समाज मे बेटी को बराबर का दर्जा नही मिल पा रहा है जिस मां ने इस फूल सी कोमल नवजात को नौ माह तक पेट मे पाला उसी निर्दयी मां ने पन्नी मे बंद कर मरने के लिये नाले मे फेंक दिया। 

- जिला चिकित्सालय के एसएनसीयू वार्ड मे भर्ती इस बच्ची की किस्मत ही थी कि राहगीरों ने रोने की आबाज सुन ली और यह जिन्दा बच गई पुलिस के 100 डायल ने अस्पताल मे भर्ती कराया है।

- रात  भर कीड़े मकोडे के बीच पडे रहने के बाबजूद यह बच्ची पूरी तरह स्वस्थ है। डाॅक्टर द्वारा स्बास्थ की निगरानी की जा रही है।