बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए अफसर के पैरों में गिरी मां

नई दिल्ली (23 अगस्त): कोच से परेशान होकर खुदकुशी करने वाली नेशनल हैंडबॉल खिलाड़ी पूजा के अंतिम संस्कार के मौके पर नेताजी सुभाष नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स (NSNIS) के डिप्टी डायरेक्टर सलिल भटनागर मौजूद थे। पूजा की मां ने उनके पैरों में गिरकर बेटी को इंसाफ दिलाने की मांग की।

पूजा ने कोच गुरशरन सिंह गिल पर आरोप लगाया था कि 3720 रुपए फीस न होने पर उसे हॉस्टल में रूम नहीं दिया गया। फिलहाल, गिल फरार है। एसपीजी ने जांच के लिए 5 मेंबर्स की कमेटी गठित कर दी है।

न फ्रेंड आई न कॉलेज से कोई आया...

- पूजा ने 21 अगस्त को घर में खुदकुशी कर ली थी। - उसने 7 पेज सुसाइड नोट लिखा था। पूजा ने अपनी बेस्ट फ्रेंड हरदीप कौर के हाथों संस्कार कराने की ख्वाहिश जाहिर की थी, लेकिन हरदीप नहीं आई। - हरदीप से पूजा के पिता प्रभु चौहान ने बात की। उसने खुद के मोगा में होने की बात कहकर आने से इनकार कर दिया। - पूजा खालसा कॉलेज में पढ़ती थी। चौहान ने कहा कि कॉलेज मैनेजमेंट से भी कोई नहीं आया। - कॉलेज प्रिंसिपल धरमिंदर सिंह उभा ने कहा, "वाइस प्रिंसिपल, सुपरिंटेंडेंट समेत अन्य स्टाफ संस्कार पर गया था।" - इस बीच, गिल की तलाशी को लेकर कई जगह छापेमारी की गई, लेकिन वह हाथ नहीं लगा।

क्या बोले NSNIS के डिप्टी डायरेक्टर? - सलिल भटनागर ने कहा, "मैं गवर्नमेंट ऑफ इंडिया की ओर से यहां आया हूं। दुख की इस घड़ी में हम परिवार के साथ हैं।" - "नेशनल प्लेयर की मौत से खेल जगत को नुकसान पहुंचा है। घटना के लिए यदि कोच कसूरवार है तो उस पर सख्त एक्शन लेना चाहिए। इससे अधिक कमेंट नहीं कर सकता।"

पूजा ने मोदी को खून से लिखा था लेटर - पूजा ने लिखा, 'मेरा सपना आर्मी में जाना था। लेकिन, कई लोगों की वजह से मेरी पढ़ाई खराब हो रही थी।' - 'जिसके घर में 3 बेटियां हों, वह व्यक्ति पूरी कोशिश करता है कि बेटी पढ़े। लेकिन, कुछ अमीर लोग कभी आगे नहीं बढ़ने देते।' - 'श्री मोदी जी! ये न हो कि ऐसे ही हम जैसी बेटियां गरीबी और पढ़ाई न मिलने के कारण मरती रहें।' - पूजा ने लिखा, 'श्री मोदी जी, मेरा परिवार एक गरीब परिवार है, जहां कमाने वाला एक और खाने वाले पांच लोग हैं, क्या भगवान ऐसे लोगों की कभी मदद नहीं करता।' - 'मैंने आपको पता नहीं कितनी बार मदद के लिए पत्र भेजा, मगर कुछ ऐसे लोग भी हैं, जिन्होंने मेरा पत्र आप तक कभी पहुंचने नहीं दिया।' - 'क्या मेरे भाई-बहन सभी पढ़ाई के लिए यूं ही तरसते रहेंगे। श्री मोदी जी मैं जाते-जाते किसी का बुरा नहीं चाहूंगी मगर गिल सर ने जो किया वह बुरा ही था।'

पिता ने क्या लगाया आरोप? - प्रभु का आरोप है, "बेटी को बीए सेकंड ईयर में एडमिशन दिलाने के लिए गिल ने 30 हजार लिए थे। इसके बावजूद एक महीने तक टालमटोल करता रहा। फिर हॉस्टल से भी निकाल दिया।" - उधर प्रभु कहते हैं, "पूजा को फ्री कोटे में दाखिला दिया था, जबकि पूजा के पिता ने कोच गिल को 30 हजार दिए। ऐसे में, यह पैसा कोच के खाते में चला गया। पैसा देने के बावजूद हॉस्टल मिला तो पूजा ने खुदकुशी कर ली।" - पूजा के परिवारवालों कहना है, "गिल पुलिस और कॉलेज मैनेजमेंट पर दबाव बना रहा है।" - उधर, हॉस्टल में पूजा के साथ रहने वाली लड़कियों और कॉलेज फ्रेंड्स ने भी इस घटना से दूरी बनाते हुए कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।