परंपराओं ने इस मां को बना दिया कातिल?

देवेंद्र शर्मा, झज्जर (30 अप्रैल): किताबों, किस्सों, फिल्मों, कहानियों और अपने आसपास आपने मां की ममता की कई मिसालें देखी व सुनी होंगी, लेकिन उस मां का एक चेहरा इतना बेरहम भी हो सकता है ये आपने कभी सोचा नहीं होगा। आप सोच में पड़ जाएंगे कि कोई मां हालात से मजबूर होकर इतनी बेरहम भी हो सकती है।

दरअसल झज्जर के गोच्छी गांव की रहने वाली कोमल ने लड़के को जन्म दिया था। घर में हर तरफ खुशियों का माहौल था, फिर अचानक 27 अप्रैल को छह दिन का वो मासूम घर से गायब हो गया। घरवालों के होश उड़ गए। आनन-फानन में पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने घर आकर जांच शुरू की तो पानी के ड्रम से बच्चे का शव बरामद हुआ। पहले पुलिस को लगा कि किसी ने रंजिश की वजह से वारदात को अंजाम दिया है, लेकिन बाद में जब पुलिस ने बच्चे की मां कोमल से पूछताछ की तो उसने दर्दनाक कहानी से पर्दा उठाया।

पुलिस पूछताछ में पता चला कि कोमल के मायके वाले बेटा होने के बाद निभायी जाने वाली रस्मों का खर्च उठाने की हालत में नहीं है, उनकी आर्थिक हालत ठीक नहीं थी। इसलिए कोमल ने अपने कलेजे के टुकड़े को ही दुनिया से दूर भेज दिया। हम आपको बता दें कि झझर में एक बेटे के जन्म के बाद एक रस्म अदा की जाती है, जिसके मुताबिक जन्म के बाद बेटी के घरवालों को दहेज की तरह ढेर सारा सामान लाना पड़ता है। इसी डर से कोमल ने अपने बेटे को मार दिया।

घटना के बाद आरोपी मां को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है, लेकिन ये घटना सिर्फ मां को ही कटघरे में नहीं खड़ा करता बल्कि जान लेने वाले परंपराओं को मानने और लागू करने वाले भी इसके ज़िम्मेदार हैं।