मां-बेटी ने पीएम मोदी से लगाई इच्छा मृत्यु की गुहार

अबारिष पांडेय, कानुपर (14 अगस्त): कानपुर के यशोदा नगर क्षेत्र में रहने वाली दिव्यांग मां-बेटी ने मस्कुलर डिस्ट्रॉफी नाम की बीमारी के चलते पीएम को पत्र भेज इच्छा मृत्यु की गुहार लगाई है। पीएमओ कार्यालय से निराशा हाथ लगने पर मां-बेटी ने जीविका चलाने को नौकरी के लिये सीएम को पत्र लिखा तो वहां से पचास हजार रुपए की आर्थिक मदद के अलावा कुछ हासिल नहीं हुआ।

- यशोदा नगर के शंकराचार्य नगर निवासी शशि मिश्र के पति की 14 साल पहले मौत हो चुकी है। - शशि मस्कुलर डिस्ट्राफी नाम की बीमारी से पीड़ित हैं, जिसकी वजह से चलने फिरने में असमर्थ हैं। - दस साल पहले इकलौती बेटी अनामिका (22) भी इसी बीमारी की चपेट में आकर लाचार हो गई। - बेटी के इलाज में घर में रखी जमापूंजी भी खत्म हो गई और रिश्तेदारों ने भी किनारा कर लिया। - अब स्थिति यह है कि बिस्तर से उठना भी मुश्किल हो गया है। - मां-बेटी मोहल्ले के लोगों के रहमो-कर्म पर जीने का मजबूर हैं। - अनामिका ने पीएम को पत्र लिखकर मदद मांगी कि उसे एक नौकरी दी जाएं, जिससे वो अपना और अपने मां का भरण पोषण व इलाज करा सके। - प्रधानमंत्री को पत्र लिखने पर जवाब मिला कि वो उत्तर प्रदेश के सीएम अखिलेश यादव से नौकरी की मदद मांगे। - अनामिका ने सीएम अखिलेश यादव से नौकरी के लिये गुहार लगाई तो बीती 5 अगस्त को 50 हजार की आर्थिक मदद उनको दी गई। - मानवता दिखा क्षेत्र के डॉक्टर मस्कुलर डिस्ट्रॉफी से पीड़ित मां-बेटी का मुफ्त इलाज कर रहे है। - डॉ. अभिषेक दवाइयों और जांच में होने वाला खर्च भी वहन कर रहे हैं। - इन सबके बावजूद मां-बेटी अपनी जिंदगी से हार मान बैठी है और अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इच्छा मृत्यु की गुहार लगा रही है।