Project-15B... 17 सितंबर को समुद्र में उतरेगा NAVY के सबसे बड़ा जंगी जहाज 'मोरमुगाओ', जानिए क्या है खासियत...

नई दिल्ली (15 सितंबर):​ भारतीय नौसेना 17 सितंबर को मुंबई में अपने अब तक के सबसे एडवांस युद्धपोत का जलावतरण करने जा रही है। 'मोरमुगाओ' एक एडवांस्ड डिस्ट्रोयर है जिसका निर्माण मझगांव शिपयार्ड में किया गया है। मोरमुगाओ मिसाइल विध्वंसक 'प्रोजेक्ट 15बी' श्रेणी के तहत निर्मित दूसरा जहाज है। इस श्रेणी के पहले पोत 'विशाखापत्तनम' को पिछले साल अप्रैल में जलावतरण किया गया था। मोरमुगाओ तकनीकी तौर पर भारत का अब तक का सबसे एडवांस युद्धपोत है। भारत सरकार ने 2011 में प्रोजेक्ट 15बी शुरू किया था जिसके तहत अत्याधुनिक उपकरणों से लैस चार जंगी जहाज तैयार किए जाने थे। इस परियोजना की कुल लागत 29 हजार 700 करोड़ है। मोरमुगाओ इसी श्रेणी का दूसरा जहाज है। सरकार इस परियोजना के जरिए स्वदेशीकरण के 68 फीसदी टारगेट को भी छूना चाहती है। इसके अलावा सरकार ने प्रथम स्वदेशी विमान वाहक पोत के लिए साल 2018 का लक्ष्य रखा है। भविष्य में सरकार की इन योजनाओं के तहत देश में पूर्ण रूप से निर्मित जंगी जहाजों को तैयार करने की योजना है। नौसेना का लक्ष्य 2027 तक अपने बेड़े में 212 जहाज करने का है। जानिए मोरमुगाओ कि खासियत क्या है...

- मोरमुगाओ एक एडवांस्ड डिस्ट्रोयर है जिसका निर्माण मझगांव शिपयार्ड में किया गया है।  - मोरमुगाओ का निर्माण 'प्रोजेक्ट 15बी' के तहत किया गया है। - मोरमुगाओ का वजन 7400 टन है और इसकी लंबाई 163 मीटर है।  - इस युद्धपोत में चार शक्तिशाली गैस टर्बाइन इंजन लगे हैं। - जो युद्धपोत को 30 नॉटिकल मील (56KMPH) तक की रफ्तार देते हैं।  - इस श्रेणी के युद्धपोत को दुश्मन के राडार बहुत मुश्किल से पकड़ पाते हैं। - इस युद्धपोत पर 50 नौसेना अफसर और 250 नाविक तैनात होंगे।  - ये समुद्र में एक बार उतरने के बाद 4000 नॉटिकल मील (7500KM) तक काम करेगा।  - हालांकि मोरमुगाओ को नौसेना में सक्रिय रूप से शामिल होने में दो साल लगेंगे। - दो सालों तक मोरमुगाओ का समुद्र में ट्रायल किया जाएगा।

अत्याधुनिक तकनीक और हथियारों से लैस होगा 'मोरमुगाओ'... - मोरमुगाओ में दुनिया के सबसे आधुनिक एडवांस्ड गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर हैं।  - मोरमुगाओ अत्याधुनिक हथियारों, सेंसर्स के साथ अत्याधुनिक तकनीकी से लैस है। - 70 किलोमीटर दूर तक दुश्‍मन के‍ विमानों और मिसाइलों को टोह ले लेगा जहाज। - मोरमुगाओ 127 मिलीमीटर गन से लैस है, इसमें एके-630 एंटी मिसाइल गन सिस्टम भी है।   - मोरमुगाओ पर दो आरबीयू-6000 एंटी सबमरीन रॉकेट लांचर भी लगे हैं। - मोरमुगाओ का सोनार सिस्टम अलग और अत्याधुनिक है।  - युद्धपोत बेहद खराब मौसम के दौरान भी इस पर नौसेना के हेलिकॉप्टर लैंड कर सकेंगे। - इस युद्धपोत पर शिप डाटा नेटवर्क नाम का एक मैनेजमेंट सिस्टम लगाया जाएगा।  - जो लड़ाई के दौरान एक ही जगह पर सारा डाटा उपलब्ध कराएगा। 

बराक-8 से लैस होगा डिस्ट्रोयर... - युद्धपोत से बराक-8 लॉन्ग-रेंज जमीन से आसमान में मार करने वाली मिसाइल दागी जा सकती हैं।  - बराक-8 का निर्माण भारत और इसराइल ने मिलकर किया है।  - इसे दुनिया की सबसे आधुनिक मिसाइल तकनीक में शुमार किया जाता है।  - इस तकनीकी से दुश्मन के एयरक्राफ्ट और सुपरसोनिक मिसाइल की टोह ली जा सकती है। 

ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल भी होंगी तैनात... - मोरमुगाओ ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल से भी लैस होगा।  - ब्रह्मोस से जमीन के अलावा समुद्र में 300किमी दूर तक किसी लक्ष्य पर निशाना साधा जा सकता है। - ब्रह्मोस की स्पीड 2.8 मैक है, जो कि इसे दुनिया की तेज स्पीड वाली मिसाइल बनाती है।  - सुपरसोनिक गति पर ब्रह्मोस 3,400 किमी प्रति घंटा और 1 किमी प्रति सेकेंड की रफ्तार से उड़ती है।

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