नॉर्थ कोरिया को न्यूक्लियर बम में मोसाक फोनसेका ने की मदद !

नई दिल्ली (5 मार्च): पनामा पेपर्स लीक में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। विभिन्न मीडिया सूत्रों ने लिखा है मोसाक फोनसेका ने नॉर्थ कोरिया के न्यूक्लियर प्रोग्राम के लिए फंड्स अरैंज करवाये हैं। इस खुलासे के बाद दुनिया भर में हड़कम्प और मच गया है। हालांकि, मोसाक फोनसेकाकी ओर से कहा गया है कि उनके काम को गत ढंग से पेश किया जा रहा है। उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया है। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जितने भी लोगों ने ब्लैक मनी पनामा के बैंकों रखी है या वहां कंपनियां बनायीं उन सभी को मोसाक फोनसेका ही ऑपरेट करती थी।

ऐसी ही एक कंपनी का नाम है डीसीबी फायनेंस। इस कंपनी के डायरेक्टरों में से एक नॉर्थ कोरिया का किम चोल सैम और सीईओ ब्रिटिश बैंकर निगेल कौवी थे।  सभी नॉर्थ कोरिया के हैं। इस कंपनी की संदिग्द्ध गतिविधियों को देखते हुए अमेरिका के ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने प्रतिबंध लगा दिये थे। इस कंपनी के सारे लेन-देन मोसाक फोनसेका ही काम करती थी। ऐसा माना जाता है कि मोसाक फोनसेका के जरिये ही  नॉर्थ कोरिया ने अपने न्यूक्लियर प्रोग्राम के लिए सारा पैसा इकट्ठा किया। इस पूरे विवाद पर अभी तक नॉर्थ कोरिया की तरफ कोई टिप्पणी नहीं आयी है, लेकिन मोसाक फोनसेका की तरफ से कहा गया है कि डीसीबी की एजेंटशिप से वो 2010 में इस्तीफा दे चुके हैं।