नोएडा: भ्रष्‍टाचार के आरोप में SHO और ASI सहित एक दर्जन से ज्यादा पुलिसकर्मी सस्पेंड, सभी पर FIR दर्ज

               प्रतीकात्मक तस्वीर

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली ( 19 जून ): ऑनलाइन व्यापार करने वाले एक कारोबारी ने नोएडा थाना सेक्टर 58 के थानाध्यक्ष सहित 12 पुलिसकर्मियों के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज कराया है। यह मामला उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह के आदेश पर दर्ज हुआ है। मामले में नोएडा के एसएसपी ने सभी आरोपी पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। साथ ही दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिए हैं।रिश्वत लेने के आरोप में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) से शिकायत के बाद एसएसपी गौतमबुद्ध नगर डॉ. अजय पाल शर्मा ने कोतवाली सेक्टर 58 प्रभारी निरीक्षक अनिल प्रताप सिंह और एसएसआइ (सीनियर सब इंस्पेक्टर) राजेश कुमार सिंह को निलंबित कर दिया है।नोएडा थाना सेक्टर 58 के प्रभारी निरीक्षक अनिल प्रताप सिंह, सीनियर सीनियर सब इंस्पेक्टर समेत एक दर्जन पुलिसकर्मियों के विरूध्द भ्रष्टाचार की शिकायत पाये जाने पर डीजीपी के निर्देश पर कोतवाली 58 में मुकदमा दर्ज कर सभी को निलम्बित कर दिया गया है। पुलिस के मुताबिक इस सभी पुलिसकर्मियों ने एक फर्जी कॉल सेंटर पर छापा मारने के बाद दर्जन भर लोगों को हिरासत लिका और मोटी रकम लेने के बाद सभी को छोड़ दिया था। इस मामले की शिकायत होने पर यूपी के डीजीपी ने जांच कराई और जांच में शिकायत सही पाए जाने पर पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाही की गई है।भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टालेरेंस की नीति रखने वाली योगी सरकार के पुलिस के डीजीपी उत्तर प्रदेश द्वारा भ्रष्ट पुलिस कर्मियों को चिंहित कर उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई हेतु सभी पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया गया है। नोएडा के सैक्टर 57 में राहुल बिष्ठ के खिलाफ फर्जी कॉल सेन्टर चलाने के खिलाफ थाना सैक्टर 58 पर मु0अ0स0 359/18 धारा 420 भादवि व 66 आईटी एक्ट के अन्तगर्त अभियोग पंजीकृत किया गया था। इसके बाद सैक्टर 57 पुलिस चौकी की पुलिस टीम और कोतवाली की स्पेशल टीम ने  सैक्टर-57 के ए -51 में चल रहे फर्जी कॉल सेंटर 14 तारीख रात को छापा मार कर एक दर्जन के करीब लोगो को हिरासत में लिया था।राहुल कुमार बिष्ट ने थाना सेक्टर 58 में रिपोर्ट दर्ज कराई है। बिष्ट ने आरोप लगाया है कि 14 जून की रात को थाना सेक्टर 58 के प्रभारी निरीक्षक अनिल प्रताप सिंह, वरिष्ठ उप निरीक्षक राजेश कुमार सहित लगभग 12 पुलिसकर्मी उसकी कंपनी में आए। पुलिसकर्मियों ने कंपनी में रखी 18 लाख रुपए की नकदी और पांच लैपटॉप ले लिये। इस मामले की शिकायत पीड़ित ने राज्य के पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह से की।