पाकिस्तान: आत्मघाती हमले में 70 की मौत, 340 से ज्यादा घायल

लाहौर(28 मार्च): पाकिस्तान के लाहौर में रविवार शाम एक बच्चों के पार्क में हुए ब्लास्ट में कम से कम 72 लोगों की मौत हो गई। इस आत्मघाती हमले में 340 से ज्यादा लोग घायल हुए। ब्लास्ट चिल्ड्रेन पार्क में हुआ जहां रविवार और ईस्टर होने के कारण बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे मौजूद थे।

आत्मघाती हमले में मृतकों क संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। हमले में घायल 340 से ज्यादा लोग लाहौर के जिस अस्पताल में भर्ती हैं। 

बच्चों के पार्क में खून के छींटें हैं। पार्क की जमीन खून से सनी है। इंसानों के अंग बिखरे पड़े थे, कहीं हाथ, कहीं सिर तो कहीं पांव थे। ज्यादातर लाशें महिलाओं की थीं, मासूम बच्चों की थीं। तस्वीरें गवाही दे रही थीं कि पाकिस्तान में फलफूल रहे आतंकियों की क्रूरता की।

रविवार को शाम का वक्त था और ईस्टर त्वोहार, खुशियों के चंद लम्हे बांटने के लिए 4 से 5 हजार लोग लाहौर के गुलशन इकबाल पार्क में इक्ठ्टा थे। तभी एक फिदायीन 7 से 10 किलो विस्फोटक लेकर पार्क के दो नंबर गेट से पार्क में दाखिल हुआ और खुद को उड़ा लिया। जिसकी चपेट में आकर 70 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई जिसमें ज्यादातर बच्चे और महिलाएं हैं और 300 से ज्यादा लोग बुरी तरह जख्मी हो गए।

ब्लास्ट के बाद की हालत बेहद खौफजदा करने वाली थी। खून से लथपथ घायल मदद के लिए गुहार लगा रहे थे। मौके पर मौजूद लोग आगे बढ़कर सभी को अस्पताल ले जा रहे थे। अपनों की तलाश में लोग भटक रहे थे। जूतों , चपप्लो और लाशों में अपनों को ढूंढ रहे थे। रूह कंपा देने वाली बबेसी सामने नजर आ रही थी।

इस आतंकी हमले की दुनिया भर ने निंदा की है। इस दुख की घरी में भारत के पीएम नरेंद्र मोदी ने नवाज शरीफ को फोन  की और इस घटना पर संवेदना जताई। जिस पाकिस्तान में सरकार से ज्यादा सेना का दबदबा रहता है। वहां आतंकियों ने फिर हमला बोला । दूसरे देशों के बेगुनाहों को अपनी जमीन पर पलने वाले आतंक से मारने वाला पाकिस्तान काश अब होश में आए और समझ सकें कि आतंकवाद अच्छा या बुरा नहीं होता। क्योंकि पाकिस्तान बेहद खतरनाक दौर से गुजर रहा है।

पाकिस्तान में  > 12 साल में 50 हजार लोग आतंकी हमले में मारे गए  > 5 साल में आतंकी ने 25 हजार से ज्यादा बेगुनाओं का खून बहाया  > 5 साल में 5126 आत्मघाती हमले हो चुके हैं  > 5 साल में 16 हजार जवान आतंकी हमले में शहीद हुए

अब पाकिस्तान को समझना होगा। भारत के साथ मिलकर आतंक की फैक्ट्री को जड़ से उखाड़ फेंकना होगा क्योंकि आतंकवाद आसतीन का सांप है।