देशभर में खाली हैं 5.4 लाख पुलिसकर्मियों के पद, टॉप पर उत्तर प्रदेश

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न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (8 जुलाई): बेरोजगारी के मुद्दे को लेकर विपक्ष जहां तल्ख है वहीं सरकार भी इस मुद्दे पर चिंतित नजर आ रही है और इसपर काबू पाने के लिए मत्थापच्ची कर रही है। इन सबके बीच संसद में दिए गए कई सवालों के जवाब से पता चला है कि केंद्र और राज्य सरकारों में विभिन्न तरह के 24 लाख से ज्यादा पद खाली है। देशभर में पुलिसकर्मियों की संख्या काफी कम है। देशभर की पुलिस फोर्स में 5.4 लाख पोस्ट खाली हैं। ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च ऐंड डिवेलपमेंट के आंकड़ों को कोट करते हुए 27 मार्च को लोकसभा में दिए गए एक जवाब के मुताबिक सिविल और डिस्ट्रिक्ट आर्म्ड पुलिस में 4.4 लाख पद खाली हैं। इसी के मुताबिक स्टेट आर्म्ड पुलिस में 90000 अतिरिक्त पोस्ट खाली हैं। चूंकि लॉ ऐंड ऑर्डर स्टेट सूची में आते हैं इसलिए ये पद राज्य सरकारों के अधीन हैं। डिफेंस सर्विसेज और पैरामिलिटरी फोर्सेज में 1.2 लाख से अधिक पद खाली हैं। इनमें से 61 हजार पद पैरामिलिटरी फोर्सेज में और 62 हजार पद तीनों सैन्य बलों में खाली हैं।

देशभर में पुलिसकर्मियों की संख्या काफी कम है। आकड़ों के मुताबिक, 1 जनवरी 2018 तक देश में 5.43 लाख पुलिसकर्मियों के पद खाली थे। इसमें से सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश में 1.29 लाख पद खाली थे। वहीं, नगालैंड इकलौता ऐसा राज्य है, जहां पुलिसकर्मियों की संख्या मानक से ज्यादा है। ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च ऐंड डिवेलपमेंट (बीपीआरडी) के आंकड़ों के मुताबिक, देशभर में 24,84,170 पुलिसकर्मियों की आवश्यकता है, जिसमें से 1 जनवरी 2018 को 19,41,473 ही पद भरे हुए थे।  जानकारी के मुताबिक, 1 जनवरी 2017 को पुलिसकर्मियों के कुल 5.38 लाख पद खाली थे जबकि 2018 में यह संख्या बढ़कर 5.43 लाख हो गई थी। 2016 में 5.49 लाख पद खाली थे। वहीं, देशभर में 2016 में 22,80,691, 2017 में 24,64,484 और 2018 में 24,84,170 पुलिसकर्मियों की जरूरत थी। हालांकि, 2016 में कुल 17,31,66 पुलिसकर्मी, 2017 में 19,26,247 पुलिसकर्मी और 2018 में 19,41,473 पुलिसकर्मी ही थे।

पुलिस विभागों में इतने पद खाली रहने का असर पुलिस के कामकाज पर पड़ता है। विश्‍व में भारत उन देशों में शामिल हैं, जहां पुलिस और जनसंख्‍या का अनुपात काफी कम है।  इसके कारण मुकदमों का भार बढ़ता है और सजा देने की दर भी कम होती है क्‍योंकि पुलिस काफी दबाव में इन केस की पड़ताल करती है। यह भी हकीकत है कि हमारी न्‍यायिक प्रक्रिया में भी करोड़ों मुकदमे विचाराधीन हैं। वहीं लोकसभा में 18 जुलाई को दिए गए सवाल के जवाब में जानकारी दी गई है कि देश की सभी कोर्ट में 5,800 पद खाली हैं।