सेल्फी लेने के दौरान हुई मौतों के मामले में दुनिया भर में सबसे आगे भारत

 

नई दिल्ली (14 जनवरी): भारत में भले ही एक ऐसे प्रधानमंत्री हैं, जो 'सेल्फी' लेना और शेयर करना पसंद करते हैं, लेकिन आम भारतीय सेल्फी सेफ्टी के मामले में दुनिया में अभी पीछे हैं। जी हां, आपको बता दें, पिछले साल दुनिया भर में सेल्फी लेने के दौरान करीब 27 लोगों की मौत हुई। इन मामलों में से आधे अकेले भारत में ही हुए।

'द वाशिंगटन पोस्ट' की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2015 में भारत में कई लोगों ने खतरनाक तरीके से सेल्फी लेने की कोशिश की। जिस वजह से कई लोगों की मौत हुो गई। इनमें से एक मामले में दौड़ती ट्रेन के सामने सेल्फी लेने की कोशिश 3 छात्रों की जान चली गई। दूसरे मामले में एक नाव में सेल्फी लेने की कोशिश में 7 युवकों की मौत हो गई। ऐसे ही एक मामले में 60 फीट ऊंची पहाड़ी पर चढ़ाई के दौरान सेल्फी लेने के दौरान गिरने से एक इंजीनियरिंग छात्र की मौत हुई। इसके अलावा एक और मामले में सुरेंद्रनगर में एक नहर के आगे सेल्फी लेने के दौरान पानी में डूबकर दो छात्रों की मौत हो गई थी। सितंबर में एक जापानी यात्री की भी ताजमहल पर सीढ़ियों पर सेल्फी लेने के दौरान गिरने से मौत हो गई थी। उसके सिर में गहरी चोटें आई थीं।

मुंबई पुलिस ने इसी सप्ताह बताया कि उन्होंने देश के सबसे बड़े शहर में एक दर्जन से भी ज्यादा 'नो-सेल्फी जोन्स' की पहचान की है। पुलिस ने हाल ही में बांद्रा इलाके में शनिवार को अरब सागर के किनारे सेल्फी लेने के दौरान 3 लड़कियों के बह जाने की घटना के बाद ऐसा कदम उठाया है। इस घटना में एक लड़की के अलावा उसे डूबने से बचाने के लिए कूदे एक लड़के की भी मौत हो गई थी।

मुंबई पुलिस के प्रवक्ता धनंजय कुलकर्नी ने बीबीसी को बताया, कि पुलिस शहर के अधिकारियों से मैरीन ड्राइव जैसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों पर सेल्फी के रिस्क को कम करने के लिए कदम उठाने के लिए बातचीत करेगी। इसके लिए लाइफ गार्ड्स की तैनाती के साथ चेतावनी संकेत लगाए जाएंगे।

पिछले साल कुंभ मेले के दौरान कुछ जगहों पर नो-सेल्फी जोन्स बनाए गए थे। आयोजकों ने सेल्फी लेने वालों की वजह से रुकावट और भगदड़ मचने के बचने से ऐसा किया था।