सेना प्रमुख ने कहा, भारत-चीन सीमा पर बढ़ सकता है तनाव


नई दिल्ली ( 27 अगस्त ):
भारतीय सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने चीन सीम तनाव बढ़ने की आशंका जताई है। उन्होंने कहा कि भारत से लगी अपनी सीमा पर चीन 'यथास्थिति बदलने' की कोशिश कर रहा है और डोकलाम क्षेत्र में जारी गतिरोध जैसी घटनाएं भविष्य में बढ़ने की संभावना है। 

नाओं के भविष्य में बढ़ने की संभावना है।' वह शनिवार को सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय के रक्षा एवं सामरिक अध्ययन विभाग द्वारा 'मौजूदा भू-सामरिक स्थिति में भारत की चुनौतियां' विषय पर जनरल बी सी जोशी स्मृति व्याख्यान दे रहे थे।

रावत ने कहा, 'विवाद और क्षेत्र को लेकर विवादित दावे जारी हैं। यह वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के निर्धारण पर अलग-अलग धारणाओं के कारण है।' उन्होंने कहा कि चीन की सेना के साथ फ्लैग मीटिंग के दौरान भारतीय थल सेना यह बात कहती रही कि दोनों पक्षों को 16 जून से पहले की जगहों (गतिरोध शुरु होने से पहले) पर लौट जाना चाहिए लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं निकला। 

उन्होंने कहा, 'अब यह कूटनीतिक और राजनीतिक स्तर पर हो रहा है ,क्योंकि इसे कूटनीति और राजनीतिक पहलों के जरिए सुलझाने की जरूरत है।' उन्होंने कहा कि चीन की सशस्त्र सेनाओं ने, खासतौर से चीन के स्वायत्त क्षेत्र तिब्बत में सैनिकों को एकत्रित करने और अभियान चलाने की क्षमताओं में अहम प्रगति की है।

जनरल रावत ने जम्मू-कश्मीर में छद्म युद्ध छेड़ने के लिए पाकिस्तान की आलोचना की और उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में कट्टरपंथी विचारधाराओं के साथ बैठकर दूसरे देश में आतंकवादी हरकत को अंजाम देने वाले लोगों की मौजूदगी बढ़ना गंभीर चिंता का विषय है।