Blog single photo

70 साल बाद बन रहा ये महासंयोग, पहले व्रतियों के लिए क्यों खास हैं ये करवा चौथ

7 अक्टूबर गुरुवार को महिलाएं सुहाग का व्रत करवा चौथ रखेंगी। इस दिन का महिला बेसब्री से इंतजार कर रही है वो दिन अब आ ही गया। ये वो त्यौहार है जिसमें महिला सज धजकर पति के लंबी उम्र के लिए प्रार्थना करती है। यह करवा चौथ सभी व्रतियों के लिए शुभ संयोग लेकर आया है।

न्यूज 24 ब्यूरो, मुंबई (17 अक्टूबर):    7 अक्टूबर गुरुवार को महिलाएं सुहाग का व्रत करवा चौथ रखेंगी। इस दिन का महिला बेसब्री से इंतजार कर रही है वो दिन अब आ ही गया। ये वो त्यौहार है जिसमें महिला सज धजकर पति के लंबी उम्र के लिए प्रार्थना करती है। यह करवा चौथ सभी व्रतियों के लिए शुभ संयोग लेकर आया है। लेकिन जिन लोगों के लिए पहला करवा चौथ है उनके लिए सोने पर सुहागा वाली बात हो गई है। इस बार चंद्रमा व्रतियों के लिए अहम तोहफा लेकर आ रहे हैं। इसकी खास वजह यह है कि 70 साल बाद करवा चौथ की शाम चंद्रमा शुभ नक्षत्र में उदित होने जा रहा है। यह सभी व्रतियों के लिए अच्छा अवसर है लेकिन जिनका पहला करवा चौथ है उनके लिए सौगात की तरह है क्योंकि ऐसा दुर्लभ संयोग पहले व्रत में ही प्राप्त हो गया है।

करवा चौथ का व्रत हर वर्ष कार्तिक महीने में कृष्ण पक्ष में चतुर्थी तिथि को किया जाता है। इसे संकष्टी चतुर्थी भी कहते है यानी संकटों को दूर करने वाली चतुर्थी। इस वर्ष करवा चौथ के दिन चांद रोहणी नक्षत्र में उदित होंगे। रोहिणी नक्षत्र चंद्रमा की सबसे प्रिय पत्नी है। इसलिए जब चंद्रमा रोहिणी नक्षत्र में होते हैं तो अत्यंत शुभ फलदायी होते हैं।

करवा चौथ के दिन दोपहर 3 बजकर 23 मिनट पर कृतिका नक्षत्र समाप्त हो रहा है और रोहिणी नक्षत्र आरंभ हो रहा है।इन दोनों नक्षत्रों के साथ करवा चौथ का व्रत बहुत ही शुभ फलदाय है। रोहिणी नक्षत्र के साथ चंद्रमा का संयोग होने से नवविवाहि के दांपत्य जीवन में प्रेम और गृहस्थी के सुख को बढ़ाने चंद्रमा सहायक होंगे

इस बार करवा चौथ के दिन चंद्रमा वृष राशि में होंगे। इस राशि के स्वामी शुक्र हैं जिन्हें ज्योतिषशास्त्र में प्रेम और यौन बंध का कारक माना गया है। शुक्र के घर में चंद्रमा का होना विवाहित लोगों और प्रेमियों के लिए शुभ फलदायी है। शुक्र के घर में चंद्रमा का होना विवाहित लोगों और प्रेमियों के लिए शुभ फलदायी है। इस दिन व्रत पूजन से रिश्ते में प्रेम और उत्साह में वृद्धि होगी। इस दिन चंद्रमा और मां पार्वती की की पूजा से आर्थिक परेशानियों की वजह से परिवार में चल रही परेशानियों से निकलने का रास्ता भी माता दिखाएंगी। सुख सुख समृद्धि का मार्ग खुलेगा।

Tags :

NEXT STORY
Top