अकाउंट में आ गई सैलरी, हाथ फिर भी खाली, बैंक हुए बेबस

नई दिल्ली(1 दिसंबर): उत्तर प्रदेश में आज से मिलने वाली राज्यकर्मियों की सैलरी को लेकर कोई व्यवस्था नहीं की गई है। मुख्य सचिव राहुल भटनागर ने निदेशक कोषागार सहित बैंकों के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे प्रबंध करें कि एक दिसंबर को कर्मचारियों को अपने खाते से भारतीय रिजर्व बैंक की गाइडलाइंस के अनुसार आवश्यक धनराशि निकालने में कोई दिक्कत न हो। संबंधित बैंकों को नई करेंसी की पर्याप्त व्यवस्था रखने को कहा गया है। केंद्र व कुछ अन्य राज्यों की तरह नकद वेतन देने की फिलहाल कोई व्यवस्था किए जाने के संकेत नहीं हैं।

- उत्तराखंड के ज्यादातर बैंक छोटे और नए नोटों की किल्लत से जूझ रहे हैं। ऐसे में एक तारीख को जिनके खाते में वेतन आता है, उन्हें मायूस ही होना पड़ेगा। क्योंकि 50 और 100 के छोटे नोटों के साथ ही 500 और 2000 के नए नोट भी बैंक शाखाओं पर कम ही उपलब्ध हैं। 

- हरियाणा के ढाई लाख कर्मियों को कैश की चिंता सता रही है। कैशलेस लेनदेन और नए खाते खोलने के लिए राज्य सरकार कैंपेन की शुरुआत करेगी। बैंक के अधिकारी श्रमिकों के पास जाकर उनका खाता खुलवाएंगे और कैशलेस लेनदेन केबारे में जानकारी देंगे। रुपे कार्ड और जनधन खाते के संचालन में कोई दिक्कत न आए इसके लिए भी बैंकरों को निर्देश दिए गए हैं। 

- सर्व कर्मचारी संघ की मांग पर कर्मचारियों को दस हजार रुपये एडवांस दिए जाने का निर्णय लिया गया था लेकिन वेतन मिलने के बाद उस दस हजार रुपये एडवांस का अब तक इंतजार है। 

- कैश की परेशानी की वजह से बैंकों और एटीएम और शाखा में खाताधारकों को घंटों लाइन में लगना पड़ेगा। इससे जहां कर्मचारियों की परेशानी बढ़ेगी तो दूसरी तरफ सरकारी कामकाज भी प्रभावित होगा। कर्मचारियों को यह चिंता सता रही है कि कैश निकालने के लिए यदि वे लाइनों में खड़े होते हैं तो उनकी ड्यूटी भी प्रभावित होगी।

- पंजाब, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में भी कैश की सप्लाई, डिमांड के मुकाबले बहुत कम चल रही है। सभी राष्ट्रीयकृत और निजी बैंकों में कैश की किल्लत है। 

- जम्मू-कश्मीर में एक बैंक के अधिकारी ने बताया कि सैलरी अकाउंट के लिए भी धन निकासी संबंधी कोई नया निर्देश नहीं मिला है। पंजाब के उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल ने बैंकरों से कहा है कि ग्रामीण इलाकों में कैशलेस ट्रांसेक्शन के प्रति लोगों को जागरूक किया जाए। दूसरी ओर सरकार की सहयोगी भाजपा का कहना है कि अभी कुछ और दिन लोगों को समस्या आ सकती है।

- हिमाचल के बैंकों ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) से 600 करोड़ रुपये मांगे हैं। दो दिन में इस राशि के पहुंचने की उम्मीद की जा रही है।