#News24MoneyManthan में बोले अमिताभ कांत, मार्केट में आएगा 11 लाख करोड़ कैश

नई दिल्ली(14 दिसंबर): न्यूज 24 कॉनक्लेव 'मनी मंथन' में शिरकत करते हुए नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने कहा कि देश को लेसकैश बनाने की तरफ हम बढ रहे हैं। बैंकों में जमा हो रहे कैश पर उन्होंने कहा कि इससे मार्केट में 11 लाख करोड़ कैश आएगा।

अमिताभ कांत ने और क्या कहा...

- लाइनें कम होंगी और सभी लोग डिजिटल पैमेंट की तरफ आगे बढे़

- बैंकों में बहुत से बैंकर्स ने बहुत अच्छा काम किया है, सरकार की एजेंसी लगी हुई है सारे फ्रॉड खंगालने में

- कितनी भी तैयारी कर लें थोड़ी बहुत दिक्कते जरूर आएंगी

- गरीब लोगों को सीखाए अपना आधार कॉर्ड प्रयोग करें

- करीब 11 लाख करोड़ कैश मार्केट में आएगा

- मैं यह नहीं कर रहा हूं कि देश से पूरा कैश हटेगा, लेकिन 25 फीसदी कैश कम होगा

- डिजिटल पैमेंट में दो स्तर की सुरक्षा जरूरी है और इसे आगे बढ़ाया जाएगा

- जीमेल और ईमेल की तरह आप अपना अकाउंट खोल सकते हैं

- हमें देश को लेसकैश बनाने की तरफ बढ़ेंगे

- काला धन जो बैंक में आया उससे सरकार को पैसा मिलेगा, इससे काफी फायदा होगा। सरकार इसे गरीबों और दूसरे कार्यक्रमों में लगाएगी

- घर पर रखने वाला पैसा अब बैंक में जाकर प्रोडक्ट मनी बनेगा

-देश जब इतनी बड़ी स्कीम लाता है तो उसमें कुछ फायदा होता है

-रांची में आदिवासी भी डिजिटल पैमेंट की तरफ बढ़ रहे हैं

- लोगों को जो दिक्कत हो रही है मैं उसके लिए क्षमा मांगता हूं- काला धन भी सिस्टम में आ रहा है, दूसरी चीज सरकार इससे टैक्स और पैनेल्टी लेगी जिससे सरकार के पास पैसा आएगा- बैंकों के पास पैसा आने से ब्याद दर कम होगा, जिससे देश तेजी से आगे बढ़ेगी- चीन के बराबर अपने आप को लाने के लिए हमें थोड़ा कष्‍ट झेलना होगा- देश में 1 फीसदी टैक्स देता है लेकिन 99 फीसदी टैक्स नहीं देता- जब देश में लोग मोबाइल यूज कर सकते हैं तो डिजिट पेमेंट भी यूज करेंगे- कंप्यूटर, एटीएम और मोबाइल आया तो लोगों ने आलोचना की, ऐसा ही डिजिटल पैमेंट को लेकर हो रहा है- देश को 10 फीसदी की ग्रोथ करना है तो उसके लिए देश की जनता को त्याग करना पड़ेगा- सरकार का लक्ष्य है कि डिजिटल पैमेंट कैश से सस्ता बने- 99 प्रतिशत लोगों के पास आधार कॉर्ड है, जो डिजिटल पेमेंट को आसान बनाएगा - जिनको डिजिटल पैमेंट नहीं आती है, उनको सीखाया जाएगा - जिनके पास मोबाइल नहीं है, उन गांवों में Pos मशीनें भेजी जाएंगी- देश में अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए एक झटका जरूरी था