जनधन खातों में निकाले जा चुके हैं 3285 करोड़ रुपये

नई दिल्ली (2 जनवरी): नोटबंदी के बाद जनधन खातों में तेजी से रकम जमा हुई, जिसको देखते हुए सरकार ने इन खातों ने एक महीने में सिर्फ 10 हजार रुपये निकालने की लिमिट तय कर दी थी। इसके बावजूद जनधन खाताधारकों ने पिछले पखवाडे़ 3,285 करोड़ रुपए की निकासी की है।

एक अधिकारी ने बताया कि जनधन खातों से संबंधित मिली सभी सूचनाओं की जांच की जा रही है। यदि यह पाया गया कि इन खातों में जमा राशि किसी और व्यक्ति की है तो उचित समय पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

जनधन खाताधारकों ने पिछले पखवाड़े निकाले 3,285 करोड़ रुपए...

- जनधन खाताधारकों ने पिछले पखवाडे़ 3,285 करोड़ रुपए की निकासी की है।

- वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 7 दिसंबर को समाप्त सप्ताह में जनधन खातों में जमा 74,610 करोड़ रुपए के रिकार्ड स्तर पर पहुंच गई। उसके बाद यह नीचे आने लगी।

- नोटबंदी प्रक्रिया समाप्त होने से दो दिन पहले यानी 28 दिसंबर को समाप्त सप्ताह में यह घटकर 71,037 करोड़ रुपए रह गई।

- जनधन खातों का दुरुपयोग रोकने के लिए इन खातों से निकासी की ऊपरी सीमा 10,000  रुपए प्रतिमाह तय की गई है।

- इसके बावजूद पिछले पखवाड़े में इन खातों से 3,285 करोड़ रुपए निकाले गए।

- जनधन खातों में जमा की ऊपरी सीमा 50,000 रुपए है। 9 नवंबर को 25.5 करोड़ जनधन खातों में कुल जमा 45,636.61 करोड़ रपये थी।

- दिलचस्प तथ्य यह है कि शून्य जमा वाले जनधन खातों की संख्या अभी भी करीब 24.13 प्रतिशत पर स्थिर है।

- प्रधानमंत्री जनधन योजना को अगस्त, 2014 में शुरू किया गया था। जनधन खातों में जमा के मामले में उत्तर प्रदेश शीर्ष पर है। उसके बाद पश्चिम बंगाल व राजस्थान का नंबर आता है।

जनधन खातों से संबंधित मिली सूचनाओं की हो रही है जांच...

- एक अधिकारी ने बताया कि जनधन खातों से संबंधित मिली सभी सूचनाओं की जांच की जा रही है।

- यदि यह पाया गया कि इन खातों में जमा राशि किसी और व्यक्ति की है तो उचित समय पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

- अधिकारी ने बताया कि नोटबंदी के बाद पहले सप्ताह में जनधन खातों में 20,224 करोड़ रुपए की राशि जमा हुई थी। हालांकि, बाद में जमा में गिरावट आई।