आज होगा चांद का अद्भुत नजारा, देखने से चूके, तो करना होगा 2034 का इंतजार

नई दिल्ली ( 14 नवंबर ) : सोमवार के दिन 14 नवंबर को चांद ज्यादा बड़ा और चमकीला दिखाई देगा।  चांद की चांदनी और भी खूबसूरत होगी। सोमवार का चांद 14 फीसदी बड़ा और 30 फीसदी ज़्यादा चमकदार होगा और ऐसा इसलिए क्योंकि इस वक़्त चांद पृथ्वी के सबसे क़रीब होगा। आमतौर पर चांद और पृथ्वी के बीच का फ़ासला करीब 3 लाख 84 हज़ार किमी होता है। लेकिन सोमवार को ये फासला सिर्फ़ 3 लाख 55 हज़ार किमी ही होगा। जिससे चांद की काफी बड़ा दिखेगा।

चांद पृथ्वी के इतने करीब कैसे आ जाता है? इसके लिए दो परिस्थितियां होनी ज़रूरी हैं। पहली परिस्थिति- पृथ्वी के चक्कर लगाते हुए चांद की कक्षा को दो हिस्सों में बांटा गया है। एक पेरिजी और दूसरी आपॉजी। आपॉजी में रहते हुए चांद पृथ्वी से सबसे दूर होता है और पेरिजी में होते हुए सबसे करीब। दूसरी परिस्थिति- चांद, सूर्य और पृथ्वी के एक कतार में आने की। लेकिन इस कतार में पृथ्वी का चांद और सूर्य के बीच होना ज़रूरी है। यानि जब सूरज और चांद एक कतार में पृथ्वी के इर्द-गिर्द आ जाते हैं और चांद अपनी कक्षा के उत्तरी गोलार्ध पेरिजी में प्रवेश करता है तो होता है- सुपरमून।

दरअसल इस बार का सुपरमून दूसरे सुपरमून्स के मुक़ाबले पृथ्वी के ज्यादा करीब होगा। ये मौका 68 साल बाद मिल रहा है। पिछली बार 26 जनवरी 1948 को चांद पृथ्वी के इतने क़रीब आया था और उसके बाद अब। और अगली बार 25 नवंबर 2034 को चांद पृथ्वी के इतना क़रीब आ पाएगा।